नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ ने सोमवार को कहा कि फिर से लांच की गई राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी की प्राथमिकता खिलाड़ियों की भलाई के लिये शिक्षा होगी जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, डोपिंग निरोधक सुरक्षा उपाय और प्रतिस्पर्धी कैरियर के बाद के बदलाव शामिल होंगे ।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इसके निदेशक माकिस एसिमाकोपोलोस और एनओए . एनओसी संबंध प्रमुख अलेक्जेंड्रा काराइस्कू की अगुवाई में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा से यहां मुलाकात की ।
इससे पहले नौ जनवरी को भारतीय ओलंपिक संघ ने अहमदाबाद में राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी फिर शुरू करने की घोषणा की थी ।
एनओए की स्थापना 2018 में हुई थी लेकिन कोरोना समेत कई कारणों से इसका काम बंद था ।
यूनान में 1961 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी ओलंपिक शिक्षा और अध्ययन का प्रचार करने वाली एकमात्र संस्था है । भारत समेत कई देशों में इसका नेटवर्क राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमियों के जरिये फैला है ।
आईओए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि सोमवार की बैठक में दोनों संस्थानों ने भारत में ओलंपिक शिक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को वैश्विक ओलंपिक शिक्षा ढांचे में और समाहित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
भाषा मोना सुधीर
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