कोलकाता, नौ फरवरी (भाषा) कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को पिछले डेढ़ महीने में अधिवास प्रमाण पत्र के लिए हजारों आवेदन प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण आवेदनों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
उन्होंने दावा किया कि इन लगभग 14,000 आवेदनों में से अधिकांश 31 जनवरी तक जमा किए गए थे, जो सामान्य मासिक औसत 200 से कई गुना अधिक है।
अधिकारियों और तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अधिवास प्रमाण पत्र की मांग में ‘तेजी से वृद्धि’ हुई है क्योंकि यह दस्तावेज़ उन मतदाताओं के लिए निवास के महत्वपूर्ण प्रमाण के रूप में उभरा है, जिनके नाम सत्यापन प्रक्रिया के दौरान चिह्नित किए गए थे या छूट गए थे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशों के बाद नगर निगम ने अपने मुख्यालय और पूरे नगर पालिका कार्यालयों में विशेष काउंटर खोले हैं ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान निवासियों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
कोलकाता नगर निगम की महापौर परिषद के एक सदस्य ने कहा कि इतने कम समय में इतनी अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होने से अधिकारी आश्चर्यचकित हैं और उन्होंने इस प्रवृत्ति को सामान्य मांग के मुकाबले ‘अभूतपूर्व’ बताया।
निगम को प्राप्त आवेदनों को कोलकाता सेक्टर कलेक्टर कार्यालय को भेजा जाता है, जहां पुलिस द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और उसके बाद डब्ल्यूबीसीएस रैंक के अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अंतिम स्वीकृति देते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मुख्य रूप से एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित आवश्यकताओं के लिए ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
भाषा जितेंद्र नरेश
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