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Monday, 9 February, 2026
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रायपुर में सुरक्षा समीक्षा बैठक में बोले अमित शाह: 31 मार्च 2026 से पहले देश होगा नक्सल-मुक्त

शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं.

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रायपुर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद को लेकर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की.

बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सहित CRPF, NIA, BSF, ITBP के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक मौजूद रहे.

बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सली फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा.

अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार के तहत अब यह राज्य विकास का पर्याय बन चुका है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं.

गृह मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुंच चुका है और देश जल्द ही उस विचारधारा से मुक्ति पाने वाला है, जिसने कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेला.

श्री शाह ने स्पष्ट किया कि माओवाद के खिलाफ लड़ाई बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए. उन्होंने विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि बचे हुए माओवादियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भागने का मौका नहीं मिलना चाहिए.

गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भी विकास के समान अवसर मिलें और मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया और तेज की जाए.

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