इंफाल, आठ फरवरी (भाषा) मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार शाम दो जनजातीय समूहों के बीच जोरदार पत्थरबाजी हुई, जिसके कारण प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के लिटन गांव में झड़प करने वाले समूहों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। क्षेत्र में कई गोलियां भी चलाये जाने की जानकारी मिली है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
उखरुल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदाय के सदस्यों के बीच शांति और सार्वजनिक सुव्यवस्था भंग होने की आशंका है।
आदेश में कहा गया, “ऐसी घटनाओं से शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था के खतरे में पड़ने के साथ-साथ मानव जीवन और संपत्ति के लिए जोखिम उत्पन्न हो सकता हैं। वर्तमान परिस्थितियां तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता दर्शाती हैं।”
आदेश में कहा गया, “अतः मैं, आशिष दास, जिला मजिस्ट्रेट, उखरुल, बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 की उप-धारा 1 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश देता हूं कि 8 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे से अगला आदेश जारी होने तक अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना और कोई भी अन्य कार्य या गतिविधि जो कानून-व्यवस्था को बाधित कर सकती है, पर प्रतिबंध रहेगा।”
आदेश में यह भी कहा गया कि यह प्रावधान सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों पर लागू नहीं होगा।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में तनाव शनिवार रात से बढ़ रहा था, जब कथित रूप से तांगखुल समुदाय के एक सदस्य पर लिटन गांव में सात से आठ लोगों ने हमला किया था।
इस मामले को पीड़ित पक्ष और लिटन सारैखोंग के प्रमुख ने आपसी सहमति से परंपरागत तरीकों से सुलझाने का निर्णय लिया था और रविवार को बैठक निर्धारित की गई थी।
हालांकि, तय बैठक नहीं हुई क्योंकि पीड़ित का परिवार नहीं आया।
इसके बजाय, निकटवर्ती सिकिबुंग के कुछ ग्रामीणों ने कथित रूप से लिटन सारैखोंग के प्रमुख के निवास पर हमला किया। ग्रामीणों ने बाद में वापस जाते समय लिटन पुलिस थाने के पास से गुजरते हुए कथित तौर पर सात गोलियां चलायीं।
भाषा अमित प्रशांत
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