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फरीदाबाद, आठ फरवरी (भाषा) हरियाणा के फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला मैदान में एक विशाल झूला टूटकर गिर जाने के बाद लोगों को बचाने की कोशिश में जान गंवाने वाले हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद का रविवार को उत्तर प्रदेश के उनके पैतृक गांव डेंगर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि यमुना नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बेटे गौरव ने उन्हें मुखाग्नि दी। उन्होंने बताया कि अंतिम यात्रा के लिए सैकड़ों लोग एकत्र हुए।
प्रसाद की वीरता की सराहना करते हुए पलवल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वरुण सिंगला ने कहा कि हर भारतीय को उनके समर्पण और साहस पर गर्व है। उन्होंने दिवंगत निरीक्षक के परिवार वालों को भी सांत्वना दी।
यह हादसा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के दौरान हुआ। घटना के समय लगभग 19 लोग झूले पर सवार थे। झूला अचानक हवा में झुक गया और फिर टूटकर जमीन पर गिर पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि 1989 में हरियाणा सशस्त्र पुलिस में भर्ती हुए निरीक्षक जगदीश प्रसाद 36 वर्षों की सेवा पूरी कर मार्च में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने झूले में फंसे लोगों को बचाने का साहसिक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
प्रसाद के भतीजे प्रशांत उस समय घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दुर्घटना उनकी आंखों के सामने हुई।
प्रशांत ने कहा, ‘‘जब झूला टूटा, तो जगदीश चाचा बचाव कार्य में सबसे पहले जुट गए थे। उन्होंने झूले के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। वह पहले ही कुछ लोगों को बचा चुके थे और अभी भी कोशिश कर रहे थे जब टूटा हुआ झूला उनकी ओर बहुत ज्यादा झुक गया, जिससे उनकी गर्दन फंस गई। उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’’
प्रसाद के बेटे गौरव ने बताया कि मेला शुरू होने से ठीक पहले परिवार की उनसे आखिरी मुलाकात हुई थी।
गौरव ने कहा, ‘‘उन्होंने मेले के समाप्त होने के बाद ही दोबारा मिलने का वादा किया था, लेकिन यह मुलाकात आखिरी साबित हुई। मेरी एक बहन की शादी नवंबर में होनी थी, लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया है।’’
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
प्रशांत
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