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Monday, 9 February, 2026
होमदेशगुजरात: मेहसाणा में तीन करोड़ रुपये का जीरा चोरी करने के आरोप में पांच गिरफ्तार

गुजरात: मेहसाणा में तीन करोड़ रुपये का जीरा चोरी करने के आरोप में पांच गिरफ्तार

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मेहसाणा (गुजरात), आठ फरवरी (भाषा) एशिया के सबसे बड़े जीरा व्यापार केंद्र, गुजरात के मेहसाणा जिले के उंझा कस्बे में गोदामों से तीन करोड़ रुपये का मसाला चोरी करने के आरोप में एक वकील और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी।

मेहसाणा के पुलिस उपाधीक्षक दिनेशसिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों में पाटन का एक वकील भी शामिल है, जिसने 12 दिसंबर, 2025 और दो जनवरी के बीच उनावा राजमार्ग पर स्थित दो गोदामों में कथित तौर पर प्रवेश करने के लिए नकली चाबियों का इस्तेमाल किया और रात में सैकड़ों बोरी जीरा चुरा लिया।

उन्होंने बताया कि जांच के बाद आरोपियों को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि चोरी हुआ मसाला दो व्यापारियों का था, जिन्होंने भंडार गायब होने का पता चलने के बाद 4 जनवरी को उनावा पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज करायी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

चौहान ने बताया कि स्थानीय अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि कुछ लोग उंझा में व्यापारियों से संपर्क करके असामान्य रूप से कम दामों पर जीरा बेचने की पेशकश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “सीसीटीवी फुटेज और पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर एक ट्रक चालक की पहचान करके उससे पूछताछ की गई। इससे पुलिस एक आरोपी जुम्मा खान तक पहुंची, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।”

चौहान ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं पाटन जिला अदालत में वकालत करने वाले इकराम मेमन के साथ वजाहत खान, जुम्मा खान, सादिक मेमन और गौरव पटेल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली निवासी इमरान जमील और उसका एक अज्ञात साथी फरार हैं।

चौहान ने कहा, ‘‘मध्य दिसंबर से 2 जनवरी तक व्यापारियों ने गोदामों पर एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया था। हालांकि वह हर दिन ताले जांचने के बाद वहां से चला जाता था।’’

उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मूल तालों की डुप्लीकेट चाबियां बनाईं और रात के समय उन्हीं चाबियों से गोदामों में प्रवेश किया।

उन्होंने बताया, “मजदूरों और ट्रकों की व्यवस्था की गई और 10 चक्करों में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का जीरा चोरी किया गया।”

पुलिस के मुताबिक, फरार दिल्ली निवासी जमील द्वारा योजना बनाए जाने के बाद आरोपी वकील ने चोरी को अंजाम देने के लिए एक स्थानीय गिरोह बनाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि फरार जमील चाबियां बनाने में माहिर है और डुप्लीकेट चाबियां कथित तौर पर उसी ने तैयार कीं।

पुलिस ने बताया कि वहीं, गौरव पटेल की भूमिका पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने की थी, जबकि जुम्मा खान ने ट्रक और मजदूरों की व्यवस्था की।

पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपी सादिक मेमन का आपराधिक इतिहास है और उसने चोरी को अंजाम देने में मदद की, जबकि वजाहत खान चोरी किए गए जीरे को बाजार में बेचने में शामिल था।

चौहान ने बताया कि आरोपियों ने चोरी किए गए जीरे का एक हिस्सा खुद को किसान बताकर दीसा और उंझा के बाजार में बेचा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक गिरफ्तार आरोपियों से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं और बिना बिका 121 बोरे जीरा जब्त किया है।

भाषा अमित नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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