नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देश भर के 83,000 स्कूलों में एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पूरा कर लिया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे आधार के लिए नामांकन करा सकते हैं। इसके लिए उनके फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी दी जाती है। हालांकि, इस उम्र के बच्चों की उंगलियों के निशान और आइरिस बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते, क्योंकि यह संकेत उस समय तक पूरी तरह विकसित नहीं होते।
इसलिए, पांच और 15 साल की आयु पार करने के बाद बच्चों के लिए एमबीयू के तहत ‘फिंगरप्रिंट’ और ‘आइरिस अपडेट’ कराना अनिवार्य है।
एमबीयू न कराने पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने और प्रतियोगी व विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण के दौरान कठिनाइयां आ सकती हैं।
बयान में कहा गया, ‘यूआईडीएआई ने देश भर के 83,000 स्कूलों में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों के लिए एक करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पूरे करने की उपलब्धि हासिल कर ली है।’
यूआईडीएआई ने सात से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक अक्टूबर से एक वर्ष की अवधि के लिए एमबीयू को निःशुल्क कर दिया है।
भाषा योगेश नरेश
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