कोलकाता, आठ फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के संगठन ‘संग्रामी जौथा मंच’ ने महंगाई भत्ते (डीए) का बकाया उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में तत्काल जारी करने की मांग को लेकर रविवार को एक रैली निकाली जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए।
उच्चतम न्यायालय ने लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए पांच फरवरी को पश्चिम बंगाल सरकार को 2008-2019 की अवधि के लिए उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान करने का निर्देश दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि यह एक कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की एक पीठ ने राज्य सरकार को अपने कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का 25 प्रतिशत 6 मार्च तक भुगतान करने का निर्देश दिया।
पीठ ने राज्य सरकार को पहली किस्त के भुगतान के बाद एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख निर्धारित की।
मंच के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश को बिना देरी किए लागू करे। अगर राज्य सरकार तुरंत कदम नहीं उठाती है, तो हम इस महीने आंदोलन को और तेज करेंगे।’’
यह रैली सुबोध मल्लिक स्क्वायर से एस्प्लेनेड तक एक किलोमीटर की दूरी तय करती हुई आगे बढ़ी और इस दौरान सभी सरकारी कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया।
इस मंच ने इस सप्ताह की शुरुआत में नबन्ना (राज्य सचिवालय) तक एक मार्च का आयोजन किया था, लेकिन मुख्य द्वार के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।
भाषा धीरज अमित
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