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Sunday, 8 February, 2026
होमदेश‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में दो लोग गिरफ्तार, 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा : पुलिस

‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में दो लोग गिरफ्तार, 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा : पुलिस

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नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कम से कम 190 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों और 100 करोड़ रुपये से अधिक से जुड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

उसने बताया कि आरोपियों की पहचान अनीश सिंह और मणि सिंह के रूप में हुई है। दोनों को एक महिला की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसमें उसने कहा कि उसे लगभग दो महीने तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और फर्जी साइबर अपराध जांच के बहाने उससे 40 लाख रुपये हस्तांतरित करवा लिए गए।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा ‘‘पीड़िता को पिछले साल 15 अक्टूबर से 12 दिसंबर के बीच ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार बनाया गया था। इस दौरान, खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर धोखेबाजों द्वारा उसे गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई और सामाजिक बदनामी की धमकी दी गई थी।’’

शिकायतकर्ता, जो एक गृहिणी हैं, को शुरू में मुंबई अपराध शाखा के आईपीएस अधिकारी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फोन किया, जिसने महिला पर आधार कार्ड का उपयोग करके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया।

अधिकारी ने बताया कि बाद में पीड़िता की बात एक महिला से कराई गई, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और वीडियो और ऑडियो कॉल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंट दिखाए।

उन्होंने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ के दौरान साइबर अपराधियों ने पीड़िता से 40 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवाए।

पीड़िता की शिकायत पर अपराध शाखा द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों द्वारा सबूत मिटाने के प्रयासों के बावजूद पुलिस टीम ने डिजिटल सबूतों का पता लगाया। उन्होंने कई राज्यों में सक्रिय फर्जी कंपनियों से जुड़े कई संदिग्ध बैंक खातों और यूपीआई आईडी का भी पता लगाया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘पश्चिमी दिल्ली के न्यू महावीर नगर में पंजीकृत एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर मौजूद ऐसा ही एक खाता मिला और यह एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया। अनीश सिंह और मणि सिंह इस फर्म के संयुक्त निदेशक हैं।’’

उन्होंने बताया कि लेन-देन के विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों से पता चला कि इस खाते से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के 190 मामले दर्ज हैं, जो साइबर धोखाधड़ी के संगठित गिरोह का संकेत देते हैं।

अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने खुलासा किया कि कंपनी के नाम पर आठ बैंक खाते खोले गए थे, जिनका इस्तेमाल धन की हेराफेरी करने के लिए किया गया था।

पुलिस ने बताया कि दोनों फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे और फरीदाबाद पुलिस ने उन्हें पहले भी इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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