गाजियाबाद, सात फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने शनिवार को तीन नाबालिग बहनों के आत्महत्या के मामले में जानकारी लेने के लिये घटनास्थल भारत सिटी सोसाइटी का दौरा किया।
चौहान ने आत्महत्या करने वाली तीन बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने घटना की चल रही पुलिस और प्रशासनिक जांच के बारे में भी जानकारी हासिल की।
चौहान ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि अत्यधिक पढ़ाई का दबाव और माता-पिता की लापरवाही घटना के मुख्य कारणों में से थे। उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति को सही समय पर ठीक से नहीं समझा गया।
चौहान ने कहा कि आयोग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि पांचवी कक्षा तक के बच्चों को ऑनलाइन गृहकार्य न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि आयोग ने जिला प्रशासन से एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है और मामले की सभी संभावित कोणों से जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है।
माता-पिता से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए चौहान ने कहा कि उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे ऐसे ऑनलाइन गेम तो नहीं खेल रहे हैं जिनसे आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में, बच्चे गृहकार्य के बहाने ऑनलाइन गेम खेलते पाए गए।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा, ‘‘माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए और अपने बच्चों से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।’’
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस तीनों बहनों की मौत की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है।
भाषा सं जफर धीरज
धीरज
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