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Sunday, 22 March, 2026
होमदेशआम बजट अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास और परिपक्वता को दर्शाता है: केंद्रीय मंत्री पुरी

आम बजट अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास और परिपक्वता को दर्शाता है: केंद्रीय मंत्री पुरी

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(तस्वीर के साथ)

देहरादून, सात फरवरी (भाषा) केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि वित्तवर्ष 2026-27 के लिए पेश आम बजट एक ऐसी अर्थव्यवस्था के आत्मविश्वास और परिपक्वता को दर्शाता है जिसमें 2014 के बाद मौलिक बदलाव आया है।

पुरी ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आम बजट में विकास को बढ़ावा देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच सावधानीपूर्वक एक संतुलन बनाया गया है, जो भारत की ‘‘कमजोर पांच’’ देशों में गिने जाने से लेकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक की यात्रा को रेखांकित करता है।

बजट को दूरदर्शी और सुदृढ़ता उन्मुख बताते केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बजट पिछले दशक में रखी गई नींव पर आधारित है और यह भारत को वैश्विक नेतृत्व के अगले चरण के लिए तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि वित्तवर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत अनुमानित है जो लगातार चौथे वर्ष सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति की तस्दीक करती है।

पुरी ने 2014 के बाद के तीव्र सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत 2025 में उन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में रहा जहां पर मुद्रास्फीति में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि अप्रैल और दिसंबर 2025 के बीच, मुद्रास्फीति औसतन लगभग 1.7 प्रतिशत रही।

पुरी ने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति का स्तर कई उन्नत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्यय के लिए करीब 12.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं, जो वर्ष 2013-14 की तुलना में 430 प्रतिशत से अधिक है।

उन्होंने कहा कि 2013-2014 से 2026-27 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए आवंटन में लगभग 500 प्रतिशत, रक्षा में 210 प्रतिशत से अधिक, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण में लगभग 176 प्रतिशत और शिक्षा में 110 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

पुरी ने कहा कि अवसंरचना पर खर्च एक प्रमुख विकास इंजन बन गया है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग विकास पर खर्च किए गए हर रुपये से जीडीपी में 3.2 रुपये की वृद्धि होती है ।

रक्षा और रणनीतिक क्षमताओं की मजबूती के बारे में पुरी ने कहा कि 2014 से इस क्षेत्र में लगातार निवेश ने आयात पर निर्भरता कम करने में मदद के साथ ही आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में तेजी लाई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले एक दशक में भारत के विकास पथ में मानव पूंजी विकास बहुत महत्वपूर्ण रहा है और 2014 के मुकाबले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) की संख्या 16 से बढ़कर 23 हो गई। इसी तरह भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की संख्या 13 से बढ़कर 21, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान सात से बढ़कर 23 और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अवसंरचना के विस्तार ने पूरे देश में संपर्क और रोजमर्रा की जिंदगी को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 में लगभग 91,000 किलोमीटर थी जो 2026 में बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर हो गई है, जबकि हवाई अड्डों की संख्या 70 से बढ़कर 160 हो गई है।

उन्होंने कहा कि भारत ने 2014 से घरेलू स्तर पर मेट्रो ट्रेन के 2,000 से अधिक डिब्बों के निर्माण के लिए 2.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया है।

भाषा दीप्ति

धीरज

धीरज

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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