भुवनेश्वर, सात फरवरी (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद को सुलझाने में ओडिशा सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाए और सत्तारूढ़ भाजपा पर इस मामले में मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप लगाया।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच नदी के पानी को लेकर चल रहे विवाद की जांच कर रहे महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (एमडब्लूडीटी) ने शनिवार को सुनवाई की तारीख बदलकर 14 मार्च कर दी।
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता पटनायक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘अब यह स्पष्ट हो गया है कि ओडिशा की भाजपा सरकार को महानदी को बचाने के प्रति कोई ईमानदारी या प्रतिबद्धता नहीं है। सरकार इस मामले को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं ले रही है। वे सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं।’
न्यायाधिकरण में ओडिशा का पक्ष रखने वाले प्रदेश के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य शनिवार को अनुपस्थित थे, जिसके कारण पटनायक ने महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए ओडिशा सरकार की ‘गैर-गंभीर कार्रवाई’ पर टिप्पणी की।
पटनायक ने पूछा, ‘महानदी विवाद पर न्यायाधिकरण की आज की सुनवाई में ओडिशा के महाधिवक्ता अनुपस्थित थे। वे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। क्या महानदी के संरक्षण के अलावा महाधिवक्ता के लिए कोई और महत्वपूर्ण काम था कि वे सुनवाई में ओडिशा का पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हो सके।’’
बीजद अध्यक्ष ने कहा कि महानदी ओडिशा की जीवनरेखा है और इसकी सुरक्षा क्षेत्रीय पार्टी के लिए सर्वोपरि है।
बीजद अध्यक्ष ने कहा, ‘हम महानदी जल बंटवारे में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करेंगे।’
भाषा तान्या रंजन
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