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Wednesday, 18 March, 2026
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अगले दो साल में भारत में तांबे की मांग 10-12 प्रतिशत बढ़ने का अनुमानः इक्रा

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नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) रेटिंग एजेंसी इक्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश में तांबे की घरेलू खपत अगले दो वर्षों में सालाना 10-12 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है जो चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में दर्ज 14-15 प्रतिशत वृद्धि से कम होगी।

इक्रा ने कहा कि धातु की ऊंची कीमतों से निकट भविष्य में मांग पर असर पड़ेगा। भारत में शहरीकरण, बुनियादी ढांचा विकास और हरित ऊर्जा रूपांतरण के कारण तांबे का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

रेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा, ‘‘घरेलू स्तर पर तांबे की ऊंची कीमतों से निकट भविष्य में मांग में बढ़ोतरी पर असर पड़ने की आशंका है, भले ही मांग के मुख्य कारण मजबूत बने हुए हैं।’’

इक्रा के मुताबिक, मध्यम अवधि में तांबे की मांग मुख्य रूप से ऊर्जा-बदलाव से जुड़े उपयोग, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, पावर ग्रिड, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं, से बढ़ने की उम्मीद है।

आपूर्ति के मोर्चे पर, घोषित क्षमता वृद्धि और बेहतर आपूर्ति पर्याप्तता के साथ घरेलू रिफाइंड तांबे की कमी धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है।

वैश्विक तांबे की कीमतों में मौजूदा वित्तीय वर्ष में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जनवरी 2026 तक लगभग 13,000 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई है, जो वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत से लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।

यह तेजी लगातार खदानों में आपूर्ति में रुकावट, अयस्क की गुणवत्ता में गिरावट और एक्सचेंजों में भंडार में गड़बड़ी के कारण आई है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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