(तस्वीरों के साथ जारी)
चंडीगढ़, छह फरवरी (भाषा) पंजाब के जालंधर में मॉडल टाउन स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लक्की ओबेरॉय की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
जालंधर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने फोन पर बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे हुई जब 43 वर्षीय ओबेरॉय अपनी एसयूवी में गुरुद्वारे से निकल रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि जब ओबेरॉय गुरुद्वारे से बाहर आए और अपनी गाड़ी में बैठे तो काले रंग की ‘हुडी जैकेट’ पहने एक हमलावर पैदल ही उनके पास आया और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और अपने साथी के साथ भाग गया जो थोड़ी दूरी पर स्कूटर पर उनका इंतजार कर रहा था।
सहायक पुलिस आयुक्त (जालंधर) परमिंदर सिंह ने फोन पर बताया कि ओबेरॉय पर कई गोलियां चलायी गयीं और उन्हें अचेत अवस्था में एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। गोलीबारी की घटना में ओबेरॉय की एसयूवी और वहां खड़ी एक अन्य गाड़ी के शीशे टूट गए।
सतविंदरपाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय जालंधर स्थित आम आदमी पार्टी के नेता थे, जो जालंधर कैंट के एक वार्ड के प्रभारी थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने ओबेरॉय की गतिविधियों की रेकी की होगी।
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और हमलावरों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें व्यक्तिगत दुश्मनी का पहलू भी शामिल है।
ओबेरॉय को जिस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वहां के एक चिकित्सक ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें सुबह करीब 8:10 बजे अस्पताल लाया गया था।
चिकित्सक ने बताया, ‘‘वह बेहोश थे। उन पर आठ से नौ गोलियां चलाई गई थीं, और एक गोली उसके सीने से होते हुए निकल गई।’’
चिकित्सक ने बताया कि हरसंभव प्रयास के बावजूद ओबेरॉय को बचाया नहीं जा सका।
फोन पर संपर्क करने पर आम आदमी पार्टी (आप) के दोआबा प्रभारी तरनदीप सिंह सनी ने कहा, ‘‘43 वर्षीय ओबेरॉय के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। उनकी पत्नी ने पिछले साल नगर निगम चुनाव लड़ा था।’’
उन्होंने कहा कि ओबेरॉय एक बहुत ही सक्रिय नेता थे।
इस बीच, विपक्षी पार्टियों ने भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गयी है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जालंधर में एक गुरुद्वारे के बाहर आप की पंजाब इकाई के नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या ने कड़वी सच्चाई को उजागर किया है: अगर सत्तारूढ़ पार्टी के नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज पंजाब डर, गिरोहों की हिंसा और प्रशासनिक निष्क्रियता से ग्रस्त है, जबकि ‘आप’ सरकार केवल जनसंपर्क (पीआर) और बहानों में व्यस्त है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना चाहिए: इस पूरी तरह चरमराई व्यवस्था का जिम्मेदार कौन है?’’
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया, ‘‘आम आदमी पार्टी की ‘शून्य डर’ वाली सरकार के नेतृत्व में पंजाब खून से ‘लथपथ’ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि आप नेता भी अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं हैं। जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर आज सुबह ‘आप’ की पंजाब इकाई के नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या इस बात का उदाहरण है।’’
बादल ने कहा, ‘‘अकेले जनवरी 2026 में लगभग 25 हत्याएं हुईं। ये घटनाएं हर जगह हो रही हैं, चाहे वह अदालत परिसर हो, भीड़भाड़ वाला बाजार, शादी स्थल या गुरुद्वारा साहिब के बाहर।’’
शिअद नेता ने कहा, ‘‘कहां है पंजाब पुलिस का बहु प्रचारित ‘गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध’? यह अराजकता है, शासन नहीं! भगवंत मान, आप एक और दिन के लिए भी इस कुर्सी पर बैठने के काबिल नहीं हैं।’’
शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी मान सरकार पर इस घटना को लेकर हमला बोला।
मजीठिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह पंजाब में नयी सामान्य बात हो गयी है। किसी को भी कहीं भी मार डालो, जैसे मन हो… भगवंत मान आपको शर्म आनी चाहिए। आपने और आपके पंजाब पुलिस डीजीपी ने राज्य को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। कानून और व्यवस्था का पूरी तरह से पतन हो चुका है और फिर भी आप इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं…।’’
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पंजाब में ‘आप’ के शासन में कोई सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘वही हो रहा है, जिसकी हम बार-बार चेतावनी दे रहे थे। ‘आप’ ने पंजाब को जंगलराज में धकेल दिया है।’’
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी मान सरकार पर हमला बोला और कहा कि ‘आप’ नेता की दिनदहाड़े हत्या केवल एक हत्या नहीं है; यह यह एक कड़ा संकेत है कि पंजाब पूरी तरह से अराजकता की ओर बढ़ रहा है।
चुघ ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जब सत्ताधारी पार्टी के नेता खुद सार्वजनिक स्थानों पर मारे जा रहे हैं, तो यह शासन के पूरी तरह से ध्वस्त होने और राज्य भर में गैंगस्टर राज के खतरनाक उभार को उजागर करता है। अगर सत्ता में बैठे लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब के आम नागरिकों के लिए क्या सुरक्षा बची है?’’
चुघ ने कहा कि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब से अपराधियों और उपद्रवियों को खत्म करने का वादा किया था, ‘‘लेकिन इसके बजाय इसने राज्य को और अधिक डर, नशे, संगठित अपराध और प्रशासनिक निष्क्रियता में धकेल दिया है। मान सरकार की लोगों की जान की रक्षा करने के बजाय राजनीतिक दिखावा और पीआर में ज्यादा रुचि है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कभी साहस और समृद्धि के लिए पहचाने जाने वाला मेरा पंजाब अब केवल अक्षमता और नेतृत्व की कमी के कारण अराजकता की ओर बढ़ रहा है। पंजाब के लोगों को सुरक्षा, सम्मान और एक ऐसी सरकार की जरूरत है, जो सचमुच शासन कर सके।’’
भाषा गोला नरेश
नरेश
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