नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शनिवार से शुरू होने वाली मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा के प्रमुख एजेंडे में व्यापार, निवेश तथा रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना शामिल रहेगा।
इस यात्रा के दौरान भारत एक बार फिर मलेशिया पर विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए दबाव बनायेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों द्वारा कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है, जिनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग से संबंधित एक समझौता भी शामिल है।
भारत और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा, ‘‘यह दौरा आसियान क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेगा, क्योंकि मलेशिया इसके संस्थापक सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’’
मलेशिया दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) का एक प्रमुख सदस्य है।
कुमारन ने प्रेस वार्ता में कहा कि मोदी और इब्राहिम भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, विशेष रूप से व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा जैसे सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत नाइक के प्रत्यर्पण की अपनी मांग को फिर से दोहराएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जाकिर नाइक के मुद्दे के संबंध में, मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि यात्रा के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पिछली यात्राओं में भी हमें विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे पर चर्चा करने के अवसर मिले हैं।’’
नाइक वर्तमान में मलेशिया में रह रहा है और उस पर धनशोधन और घृणास्पद भाषणों के माध्यम से चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप है और भारतीय अधिकारियों को उसकी तलाश है। वह 2016 में भारत छोड़कर चला गया था।
कुमारन ने कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख क्षेत्रों के अग्रणी मलेशियाई सीईओ के साथ भी बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश भारत-मलेशिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की संयुक्त समीक्षा पर भी चर्चा कर रहे हैं।
मलेशिया में प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।
कुमारन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ पारस्परिक के लिए भविष्य के सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।’’
भाषा
देवेंद्र संतोष
संतोष
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