अमरावती/ नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर के प्रसाद के रूप में वितरित किये जाने वाले लड्डू में मिलावट को लेकर सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के निशाने पर आई विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सीएफटीआरआई की 2022 की रिपोर्ट में मिलावटी घी के इस्तेमाल की बात की गई थी, लेकिन पशु वसा की मिलावट का कोई जिक्र नहीं था।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड(टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष रेड्डी ने नयी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) की रिपोर्ट देखी है।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी नेता ने राज्य की तेदपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने इस रिपोर्ट को दबा दिया था।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर इसे दबाया गया था तो मैं नमूनों की जांच के लिए सीएफटीआरआई को पत्र क्यों लिखता?’’
रेड्डी ने कहा, ‘‘ सीएफटीआरआई की रिपोर्ट में पशु वसा की मौजूदगी का जिक्र नहीं था, लेकिन कथित तौर पर उसमें मिलावट की बात कही गई थी, जो हम अब देख रहे हैं।’’
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा कि उन्होंने एक गुमनाम शिकायत पर कार्रवाई की थी और उस समय इसे सीएफटीआरआई को सौंप दिया था।
रेड्डी ने कहा कि अधिकारियों को यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने सीएफटीआरआई रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की।
उन्होंने दावा किया कि 2014 और 2019 के बीच पूर्ववर्ती तेदेपा सरकार के दौरान निविदा मानदंडों में ढील दी गई थी।
रेड्डी ने संकेत दिया कि यह बात तब सामने आई जब 2019 में सत्ता में आई नई वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने इस बात पर विचार किया कि घी की पर्याप्त आपूर्ति न होने पर क्या किया जाए।
भाषा धीरज पवनेश
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