श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): भारत सरकार युवाओं के नेतृत्व वाले विकास, राष्ट्रीय एकता और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है. इसी दिशा में युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने और राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. ये पहलें जम्मू-कश्मीर में भी संरचित सहभागिता और आदान-प्रदान के माध्यम से युवाओं को जोड़ने का काम कर रही हैं.
इसी सोच के तहत भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) ने गृह मंत्रालय के सहयोग से श्रीनगर के बेमिना स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया.
इस कार्यक्रम में पंजाब से आए 37 युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो बहु-दिवसीय आदान-प्रदान पहल के तहत श्रीनगर के दौरे पर हैं. इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं के बीच आपसी संवाद, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है.
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम में संवादात्मक सत्र, शैक्षणिक गतिविधियां और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं, जो प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता, आपसी सम्मान और एकता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं.
कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर की समृद्ध परंपराओं और विरासत को दर्शाने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिससे बाहर से आए युवाओं को क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला.
अपने अनुभव साझा करते हुए पंजाब के गुरदासपुर जिले की ‘मेरा युवा भारत’ स्वयंसेवक साहिशदीप कौर ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए बेहद समृद्ध करने वाली रही है. उन्होंने कहा, “श्रीनगर में मुझे आए हुए दो दिन हो गए हैं और यहां के लोग बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत करने वाले हैं. वे हमें मेहमानों की तरह रखते हैं और हर चीज़ बहुत अच्छे तरीके से उपलब्ध कराई गई है.”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम बातचीत, भाषा और पारंपरिक कला के माध्यम से सांस्कृतिक समानताओं और भिन्नताओं को समझने में मदद करते हैं और इन्हें देशभर में और अधिक मंचों पर आयोजित किया जाना चाहिए.
कार्यक्रम में शामिल एक अन्य प्रतिभागी, पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहे सूरज गुप्ता ने कहा कि इस पहल से पहले से बनी धारणाएं टूटती हैं.
उन्होंने कहा, “अक्सर हम घर बैठे खबरें देखकर अपनी राय बना लेते हैं, लेकिन जब मैं यहां आया तो कश्मीर के लोगों ने मेरा मार्गदर्शन किया और मेरी मदद की. कश्मीर की संस्कृति, परंपरा और भाषा को समझने का यह बहुत अच्छा अवसर है.”
उन्होंने एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए ज्ञान और साझा सीख के महत्व पर भी जोर दिया.
अधिकारियों ने बताया कि अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026 आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.
इस दौरान श्रीनगर में युवाओं के लिए शैक्षणिक, सांस्कृतिक और संवादात्मक गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिससे देश के युवाओं के बीच एकता और आपसी समझ के संबंध और मजबूत होंगे.
