नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि 21वीं सदी का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण उतना ही निर्णायक होगा, जितना पिछली सदी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का दूसरा चरण था. उन्होंने कहा कि देश तेज़ी से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया एक नए वैश्विक व्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है. मौजूदा हालात और परिस्थितियों का निष्पक्ष व बिना राजनीतिक पूर्वाग्रह के विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि भारत के प्रति वैश्विक झुकाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि एक ‘विश्वमित्र’ और ‘विश्वबंधु’ के रूप में भारत कई देशों के लिए भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है.
पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी का पहला चरण पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरा चरण उतना ही निर्णायक है, जैसा पिछली सदी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का दूसरा चरण था. विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह चरण भी उतना ही सक्षम सिद्ध होने जा रहा है.”
अपने संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा नारेबाज़ी किए जाने पर प्रधानमंत्री ने परोक्ष टिप्पणी भी की. उन्होंने कहा, “खड़गे जी की उम्र को देखते हुए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि उन्हें बैठकर ही नारे लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो. पीछे युवा सदस्य भी हैं.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सही दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि भारत दुनिया के कई देशों के साथ दूरदर्शी व्यापार समझौते कर रहा है और हाल ही में ऐसे नौ समझौते पूरे किए गए हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जाता है, यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ किया गया समझौता है.
इससे पहले दिन में लोकसभा ने भी विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया.
