अमरावती, चार फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आधिकारियों को निर्देश दिया कि कंपनियों को लांबासिंगी में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत केसर खेती की अनुमति दी जाये।
नायडू ने कृषि और संबंधित क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा कर केसर की खेती में स्थानीय जनजातीय समुदायों की भागीदारी का आह्वान किया।
मंगलवार देर शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसी कंपनियां जो लांबासिंगी में बड़े स्तर पर केसर की खेती के लिए पीपीपी मॉडल के तहत स्थानीय जनजातीय समुदायों को शामिल करेगी, उन्हें ही अनुमति मिलेगी।’’
अल्लूरी सीताराम राजू जिले के चिंतापल्ली मंडल में स्थित छोटे गांव लांबासिंगी को ‘‘आंध्र प्रदेश के कश्मीर’’ के रूप में जाना जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे लांबासिंगी में पहले से ही कॉफी, काली मिर्च और स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है।
मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने की बात भी कही।
नायडू ने अधिकारियों से आंध्र प्रदेश को देश के सबसे बड़े प्राकृतिक खेती के केंद्र के रुप में विकसित करने का भी आह्वान किया।
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देवेंद्र
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