नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से कहा कि वह दुबई स्थित एक विधि फर्म को अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई (सेवानिवृत्त मेजर विक्रांत जेटली) का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत करे। विक्रांत जेटली को एक साल से अधिक समय से संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में रखा गया है।
न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि यदि विदेश मंत्रालय के पास इस प्रकार की अनुमति न देने का कोई कारण है तो उसे 10 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पर लाया जाएगा।
अदालत ने गौर किया कि वह विधि फर्म अभिनेत्री के भाई को मुफ्त विधि सेवाएं दे रही थी और उनके भाई ने भी उस फर्म द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘या तो आप आदेश जारी करें या हलफनामा दाखिल करें… निष्पक्षता से देखा जाए तो, उनका प्रतिनिधित्व होना चाहिए, क्या ऐसा नहीं है?’
न्यायालय ने आदेश दिया, ‘सरकार, विदेश मंत्रालय (विधि फर्म) के पक्ष में उचित आदेश जारी करे, जिसमें उक्त फर्म को दुबई और अबू धाबी में विक्रांत कुमार जेटली का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत किया जाए। यदि इस निर्देश पर कार्रवाई न करने का कोई कारण हो तो उसे अगली सुनवाई की तारीख तक रिकॉर्ड में लाया जाए।’
अदालत ने सेलिना जेटली की उस याचिका पर यह आदेश दिया जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी विधि प्रतिनिधित्व की मांग की थी। उनके भाई को छह सितंबर 2024 से संयुक्त अरब अमीरात में ‘अवैध रूप से अपहरण करके हिरासत में’ रखा गया है।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष
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