नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने मंगलवार को संविधान के अनुच्छेद 224-ए के तहत इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पांच सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को दो वर्ष के लिए तदर्थ आधार पर न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
संविधान के इस अनुच्छेद का कम उपयोग किया जाता है। यह अनुच्छेद उच्च न्यायालयों में तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। इसमें कहा गया है कि किसी राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से किसी सेवानिवृत न्यायाधीश से राज्य के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का अनुरोध कर सकते हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम की बैठक हुई।
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किए गए बयान में कहा गया, “तीन फरवरी 2026 को हुई बैठक में उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने संविधान के अनुच्छेद 224-ए के तहत इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दो वर्षों की अवधि के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान, न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम, न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी, न्यायमूर्ति रेनू अग्रवाल और न्यायमूर्ति ज्योत्सना शर्मा को तदर्थ आधार पर न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।”
भाषा जोहेब संतोष
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