नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) देश की दूसरी श्रेणी की फुटबॉल प्रतियोगिता आई-लीग 2025-26 के संक्षिप्त सत्र में कुल 10 क्लबों ने भागीदारी की पुष्टि कर दी है।
यह लीग 21 फरवरी से शुरू होगी।
सूत्रों के मुताबिक इन 10 क्लबों में से आठ ने देरी से शुरू हो रही लीग के कुल खर्च में अपनी हिस्सेदारी के तौर पर लगभग 20-20 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। भुगतान की अंतिम तिथि दो फरवरी थी।
क्लब के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया, “आठ क्लबों ने राशि जमा कर दी है। आइजोल एफसी और चनमारी एफसी ने भी भागीदारी की पुष्टि की है और उनसे जल्द भुगतान की उम्मीद है।”
डायमंड हार्बर, रियल कश्मीर, गोकुलम केरल, राजस्थान यूनाइटेड, डेम्पो एससी, नामधारी एफसी, शिलांग लाजोंग और श्रीनिधि डेक्कन उन आठ क्लबों में शामिल है जिन्होंने भुगतान कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मिजोरम के चनमारी एफसी को आई-लीग दूसरी डिवीजन 2024-25 से पदोन्नति मिली है।
गोवा के चर्चिल ब्रदर्स की आई-लीग में हिस्सा नहीं लेने की लगभग पुष्टि हो चुकी है। क्लब को पहले पिछले सत्र का आई-लीग चैंपियन घोषित कर इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में पदोन्नत किया गया था।
खेल पंचाट (सीएएस) ने हालांकि इंटर काशी के चैंपियन बनने का फैसला सुनाया और वाराणसी स्थित इस क्लब को आईएसएल में पदोन्नत किया गया। चर्चिल ब्रदर्स ने इसके खिलाफ अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के विरुद्ध दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और मामला अभी लंबित है।
सूत्र ने कहा, “चर्चिल ब्रदर्स आई-लीग क्लबों के संपर्क में नहीं हैं। उनसे संपर्क करने की कई कोशिशों का कोई जवाब नहीं मिला है।”
आई-लीग को आगामी सत्र से पुनर्गठित कर ‘इंडियन फुटबॉल लीग’ (आईएफएल) के नाम से जाना जाएगा, जिसमें क्लब बहुसंख्यक हिस्सेदार होंगे।
आई-लीग का नाम बदलने का फैसला 28 जनवरी को क्लब प्रतिनिधियों और एआईएफएफ अधिकारियों की बैठक में लिया गया था, लेकिन एआईएफएफ की कार्यकारी समिति से अभी इसकी औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है।
भाषा आनन्द सुधीर
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