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Wednesday, 4 February, 2026
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आरबीआई की तीन दिन की मौद्रिक समीक्षा बैठक बुधवार से

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मुंबई, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक बुधवार से शुरू होगी।

यह बैठक उस समय हो रही है जब अर्थव्यवस्था में वृद्धि पर केंद्रित केंद्रीय बजट पेश किया गया है, महंगाई कम है और हाल ही में लंबे समय से प्रतीक्षित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से बाहरी अस्थिरता समाप्त हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है और फिलहाल न तो वृद्धि और न ही महंगाई को लेकर कोई बड़ी चिंता है, ऐसे में ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखी जा सकती है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ऋण को और सस्ता करने के लिए एक और दर कटौती संभव है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति का फैसला शुक्रवार को घोषित किया जाएगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘एमपीसी के रेपो दर पर कायम रहने की संभावना है और यह दर-कटौती चक्र का अंत भी हो सकता है।’

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि एजेंसी के अनुसार इस समय विराम उचित है ताकि जनवरी, 2026 की खुदरा महंगाई (सीपीआई) और वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त 2025-26 तक के जीडीपी आंकड़ों का आकलन किया जा सके।

क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा कि कम महंगाई आरबीआई को दर कटौती पर विचार करने की गुंजाइश देती है। बजट भी राजकोषीय अनुशासन के कारण महंगाई बढ़ाने वाला नहीं है और अर्थव्यवस्था की स्थिति भी ठीक है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बार दरें स्थिर रखने की संभावना अधिक है ताकि भविष्य के लिए विकल्प खुले रखे जा सकें।

भाषा योगेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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