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Tuesday, 3 February, 2026
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सीमा शुल्क में सुधार से लोगों का जीवन होगा सुगम, उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन: सीबीआईसी चेयरमैन

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नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने कहा है कि आम बजट में अप्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर कैंसर के इलाज में काम आने वाली दवाओं पर सीमा शुल्क हटाने, ‘बैगेज’ नियमों में ढील जैसे उपायों का मकसद लोगों के जीवन को सुगम बनाना है।

चतुर्वेदी ने कहा कि इसके साथ ही सीमा शुल्क दरों को युक्तिसंगत बनाकर विनिर्माण को गति देने, घरेलू उद्योग को प्रतिस्पर्धी और कुशल बनाने के लिए भी कदम उठाये गये हैं।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘अप्रत्यक्ष कर पर छूट और रियायतें सोच-समझकर दी गई हैं। हमने वहां कदम उठाया है जहां इसकी आवश्यकता थी। इन उपायों का मकसद लोगों के जीवन को सुगम बनाना, विनिर्माण को गति देना और घरेलू उद्योगों को विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते को देखते हुए प्रतिस्पर्धी और दक्ष बनाना है।’’

उल्लेखनीय है कि 2026-27 के आम बजट में कैंसर के इलाज में काम आने वाली 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया गया है। इसके अलावा, सात और दुर्लभ बीमारियों के लिए शुल्क मुक्त दवाएं और खाने का सामान मंगाने की अनुमति दी गयी है। इसके साथ ‘बैगेज’ नियमों के तहत बाहर से 75,000 रुपये का शुल्क मुक्त सामान लाने की अनुमति दी गयी है जबकि पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी।

चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘इसके अलावा हमने ‘ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस’ के तहत भारतीय मूल के लागों को तीन साल बाद वापस स्वदेश लौटने पर निर्धारित सूची के अनुसार सामान लाने के लिए शुल्क मुक्त सीमा 7,50,000 तक कर दी है। जो लोग कुछ कम समय के लिए रहे हैं, उनके लिए शुल्क छूट सीमा कुछ कम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने लिए कदम उठाये गये हैं। इसके तहत परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में उपयोग होने वाले आयातित कलपुर्जों पर मूल सीमा शुल्क में छूट के साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण में इस्तेमाल लिथियम आयन सेल में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर भी छूट दी गयी है। इसके साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्थायी चुंबक में उपयोग होने वाले मोनाजाइट में छूट दी गयी है।’’

चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘इसी प्रकार, छोटे उद्योगों को ध्यान में रखकर छातों और उसके उत्पाद आयात को हतोत्साहित करने के लिए कदम उठाया गया है। अब छाते पर 20 प्रतिशत या प्रति इकाई 60 रुपये, जो भी ज्यादा हो, शुल्क लगेगा। इसके साथ छातों में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर भी शुल्क लगाया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘निर्यात की बात करें, तो चमड़ा निर्यात का बड़ा क्षेत्र है। इसको देखते हुए जूते बनाने में जो भी कच्चे माल आते हैं उसके विनिर्माण के लिए हमने शुल्क मुक्त रियायत दी है। इसी प्रकार, समुद्री खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए हमने शुल्क मुक्त आयात की सीमा बढ़ायी है।’’

विवादों की बढ़ती संख्या के बारे में पूछे जाने पर चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘इस दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं। इसके तहत बजट में ‘पेनल्टी’ शब्द की परिभाषा बदली है, जिसको लेकर प्राय: कर अधिकारियों और करदाताओं के बीच विवाद होता था।’’

सीमा शुल्क विभाग में चीजों को सुगम बनाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘इस दिशा में काम हो रहा है। इसी के तहत हम सीमा शुल्क एकीकृत प्रणाली ला रहे हैं, जिससे आवेदनों का प्रसंस्करण आसान होगा और व्यापारियों के लिए चीजें सुगम होंगी।

भाषा

रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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