श्रीनगर, तीन फरवरी (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकारें केंद्र शासित प्रदेश के बाहर रहने वाले कश्मीरियों के खिलाफ भीड़ हिंसा को संरक्षण दे रही हैं, जिससे नफरत कानून के शासन की जगह ले रहा है।
मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राजधर्म का पालन करने के बजाय राज्य सरकारें भीड़ हिंसा को मौन संरक्षण देती नजर आ रही हैं और नफरत को राजनीतिक सफलता का ‘शॉर्टकट’ मान रही हैं। कानून के शासन की जगह डर की राजनीति ने ले ली है।’’
वह उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रही थीं जिसमें उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कथित तौर पर एक बुजुर्ग कश्मीरी व्यक्ति को परेशान किया जा रहा था।
जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश के सांसदों पर इस मुद्दे को न उठाने के लिए जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले उत्तराखंड में युवा तबिश को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया। अब एक बुजुर्ग कश्मीरी को परेशान किया जा रहा है जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। जम्मू कश्मीर के सांसद कहां हैं जिन्हें इस तरह के हमलों पर आवाज उठानी चाहिए?’’
उत्तराखंड के देहरादून जिले में 28 जनवरी को शॉल बेचते समय कथित तौर पर कुछ लोगों के समूह द्वारा हमला किए जाने के बाद 18 वर्षीय कश्मीरी युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
भाषा गोला शोभना
शोभना
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
