नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने अपने बयान में दिल्ली की एक अदालत से यह कहा, ‘अगर तनाव की वजह से मुझे कुछ होता है तो इसके लिए मैं निर्मला सीतारमण को जिम्मेदार मानूंगी’.
अपने बच्चों के साथ बदसलूकी और उन्हें सहपाठियों की जन्मदिन पार्टियों जैसे सामाजिक कार्यक्रमों से बाहर रखे जाने के उदाहरण गिनाते हुए, लिपिका मित्रा ने दिल्ली अदालत को बताया कि मई 2024 में आम चुनाव से कुछ ही दिन पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों की वजह से उनके परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
AAP नेता की पत्नी ने कोर्ट से कहा, “मेरे बच्चों को उनके सहपाठियों ने अपमानित किया और उन्हें मानसिक रूप से बहुत ठेस पहुंचाई. उन्हें उनके सहपाठियों ने अलग-थलग कर दिया और आज तक उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. मेरे बेटे के साथ शारीरिक मारपीट भी हुई, जब उसने अपने दोस्तों द्वारा लगाए गए कुछ झूठे आरोपों का जवाब देने की कोशिश की.”
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी के साथ भी सहपाठी बुरा व्यवहार कर रहे हैं और उन्हें जन्मदिन पार्टियों जैसे सामाजिक कार्यक्रमों से बाहर रखा जा रहा है.
अपने बयान में लिपिका ने आरोप लगाया कि मई 2024 में सीतारमण ने भारती के परिवार पर निजी मामलों को लेकर हमला किया और राजनीतिक फायदा लेने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके परिवार की छवि खराब की.
29 जनवरी की तारीख वाला यह बयान राउज एवेन्यू जिला अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया. “एनडीटीवी और अन्य मीडिया चैनलों पर उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने के बाद मुझे पता चला कि उन्होंने मेरे परिवार पर निजी मामलों को लेकर हमला किया है, जिनका न तो कोई संबंध है और न ही उनमें कोई सच्चाई है.”
यह कहते हुए कि उनका नाम इस तरह घसीटे जाने से वह “हैरान” रह गईं और राजनीतिक फायदा लेने के लिए उनके पति की छवि खराब की गई, मित्रा ने कहा कि यह सब उस वक्त किया गया, जब सोमनाथ भारती INDIA गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार थे और उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का उम्मीदवार खड़ा था, ताकि बीजेपी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित की जा सके.
मित्रा ने यह भी कहा कि एनडीटीवी समेत कई मीडिया संस्थानों और प्रिंट मीडिया ने सीतारमण के बयानों को बिना जांच-पड़ताल के चलाया.
AAP नेता सोमनाथ भारती की पत्नी ने यह भी बताया कि भले ही सोमनाथ के खिलाफ लगाए गए आरोपों को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था और यह मीडिया में भी आया था, फिर भी सीतारमण ने पति-पत्नी के बीच ‘वैवाहिक विवाद’ का मुद्दा उठाया, जबकि यह “लगभग एक दशक पहले सुलझ चुका था” और वे अपने बच्चों के साथ खुशी से रह रहे थे.
लिपिका मित्रा ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री ने भारती को बदनाम करने के लिए बेबुनियाद आरोप गढ़े, जिनमें एक पत्रकार के साथ मारपीट का आरोप भी शामिल था, जबकि यह घटना “उनकी कल्पना की उपज” थी.
उन्होंने कहा कि इन आरोपों और ऑनलाइन ट्रोलिंग से गैर-बीजेपी मतदाता भी भ्रमित हो गए. लिपिका ने कोर्ट को बताया, “मैं जहां भी सार्वजनिक रूप से गई, मुझे उनके झूठे और बेकार बयानों की वजह से अपमान और दर्द झेलना पड़ा. उनके झूठे आरोपों के असर से मेरे पति चुनाव हार गए, वह भी सातों सीटों में सबसे कम अंतर से.”
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनके पति और AAP कार्यकर्ताओं को भी मीडिया और आम लोगों की तरफ से अपमानजनक सवालों का सामना करना पड़ा, जो “मिस सीतारमण द्वारा बोले गए झूठ” की वजह से था.
इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनके दोनों बच्चों को भी अपने माता-पिता से जुड़ी परेशान करने वाली झूठी बातों का सामना करना पड़ा, जिससे वे मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित हुए.
आखिर में, लिपिका ने अपनी सेहत से जुड़ी बीमारियों का ज़िक्र किया, जैसे दिल की बीमारी, जिसकी वजह से 2022 में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी और कहा, “अगर तनाव की वजह से मुझे कुछ होता है तो इसके लिए मैं मिस सीतारमण को जिम्मेदार मानूंगी. उनके झूठे और धोखेबाज बयानों ने न सिर्फ मुझे और मेरे परिवार को बदनाम किया है, बल्कि हमारी ज़िंदगी भी मुश्किल बना दी है.”
मई 2025 में, कोर्ट ने लिपिका की याचिका पर वित्त मंत्री को नोटिस जारी किया था. लिपिका ने दावा किया था कि 17 मई 2024 को की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने “मानहानिकारक, झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयान” दिए थे, जिनका एकमात्र मकसद भारती की छवि खराब करना और 2024 के आम चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से उनकी जीत की संभावनाओं को कमजोर करना था.
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