इंफाल, एक फरवरी (भाषा) मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट में पेश किए गए सुधारों से पूर्वोत्तर में स्टार्टअप और आईटी-आधारित सेवाओं के लिए नये अवसर पैदा होंगे।
हालांकि, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के मेघचंद्र ने दावा किया कि बजट में राज्य और उसके मौजूदा संकट को नजरअंदाज किया गया है।
सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्णायक मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट ने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र को मजबूत बढ़त दी है।’’
उन्होंने कहा, “ये प्रगतिशील सुधार पूर्वोत्तर समेत अन्य क्षेत्रों में स्टार्टअप, आईटी-आधारित सेवाओं और कुशल युवाओं के लिए नये अवसर पैदा करेंगे। यह बजट नवाचार-संचालित डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर भारत की यात्रा को और मजबूत करता है।”
हालांकि, मेघचंद्र ने बजट की आलोचना करते हुए एक पोस्ट में कहा, “बजट 2026 तो आ गया है, लेकिन मणिपुर के लिए दिल्ली की चुप्पी बेहद चुभ रही है। तीन साल से मणिपुर जल रहा है, हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और परिवार अभी भी घर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फिर भी केंद्रीय बजट हमारे संकट को ऐसे नजरअंदाज कर रहा है, जैसे वह है ही नहीं।”
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बजट में ‘शांति और सुलह कोष’ का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा, “सड़कों के लिए 12,000 करोड़ रुपये की घोषणा का कोई मतलब नहीं है, जब नागरिक उन पर यात्रा करने से डरते हैं। ‘कंक्रीट’ सुरक्षा का विकल्प नहीं हो सकता। राजमार्ग घावों को भरने का विकल्प नहीं हो सकते।’’
मेघचंद्र ने कहा, “मणिपुर सहानुभूति नहीं मांग रहा है; हम न्याय, प्राथमिकता और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।”
भाषा आशीष पारुल
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