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जालंधर, एक फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में जालंधर, लुधियाना और देश के कई अन्य शहरों को विकास के बड़े केंद्रों में बदलने पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
मोदी ने यह भी कहा कि हाल ही में यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से पंजाब सहित पूरे देश के निर्माताओं को अपने उत्पादों के निर्यात में लाभ होगा।
गुरु रविदास जयंती के अवसर पर डेरा सचखंड बल्लां में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रविवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट में 17 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों, गरीबों, किसानों और युवाओं को लाभ होगा।
मोदी ने कहा, ‘‘यह बजट गरीबों, अन्नदाताओं, युवाओं और महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाएगा। यह बजट गांवों को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहलों को बढ़ावा देने के लिए है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में, हमारी सरकार ने सड़क, बिजली, पानी, रेल और सिंचाई परियोजनाओं में अभूतपूर्व निवेश किया है। बुनियादी ढांचे पर खर्च किया गया पैसा रोजगार के कई अवसर पैदा कर रहा है।’’
मोदी ने कहा कि अगर गांवों में सड़कें अच्छी होंगी, तो उपज को मंडियों तक ले जाना आसान होगा, जिससे सभी को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने पिछले कई वर्षों से गरीबों और मध्यम वर्ग को अच्छी और सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया है। पिछले 11 वर्षों में कई दवाओं की कीमतें कम की गई हैं, जबकि गरीबों और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने के लिए कई जीवनरक्षक दवाओं के दाम कम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनके लिए दवाएं विदेश से मंगानी पड़ती हैं, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ये महंगी दवाएं पहुंच से बाहर रहती हैं, ऐसे में कई दवाओं की कीमतें कम की गई हैं।
बजट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर (सभी पंजाब में) और देश के कई अन्य शहरों को विकास के बड़े केंद्र बनाना है।
उन्होंने कहा कि बजट में इन शहरों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
मोदी ने यह भी कहा कि बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है, साथ ही निर्यात क्षेत्र के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं।
उन्होंने कहा कि भारत वस्त्र और परिधान के क्षेत्र में एक बड़ा निर्यातक देश बन रहा है, इसलिए बजट में वस्त्र क्षेत्र और बुनकरों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में कई बड़े ‘टेक्सटाइल पार्क’ स्थापित किए जाएंगे, जिनसे कपास किसानों और मजदूरों को लाभ होगा।
बजट में खेलों को भी प्रमुखता दिए जाने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पंजाब काफी आगे है।
उन्होंने कहा कि बजट में घोषित ‘खेलो इंडिया मिशन’ के तहत न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, बल्कि प्रशिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य पेशेवरों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया इसे ‘‘मदर ऑफ ऑल डील्स’’ (सबसे बड़ा समझौता) कह रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समझौते से 27 यूरोपीय देशों के साथ हमारा व्यापार फले-फूलेगा, क्योंकि हमें वहां माल भेजने पर मामूली कर देना होगा।’’
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब अपने मेहनती लोगों और कुशल युवाओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते से राज्य को भी लाभ होगा।
मोदी ने कहा, ‘‘जालंधर, लुधियाना और अमृतसर में लाखों लोग कपड़ा उद्योग में कार्यरत हैं, जिन्हें अब 27 देशों के रास्ते खुलने से बड़े बाजार मिलेंगे।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यहां बने कपड़े यूरोपीय बाजारों में बिक्री के लिए भेजे जाएंगे। इसका मतलब है कि पंजाब के कारखानों में ऑर्डर बढ़ेंगे और वहां काम के अवसरों में भी वृद्धि होगी। डिजाइन और उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।’’
मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते से जालंधर के खेल सामग्री उद्योग को भी लाभ होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इस व्यापार समझौते से हमारे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ आसानी से यूरोपीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे मोगा, फिरोजपुर, होशियारपुर और बठिंडा के किसानों को लाभ होगा और राज्य के युवाओं के लिए नये अवसर पैदा होंगे।’’
मोदी ने देश के उद्योगपतियों, निर्माताओं और उत्पादन से जुड़े सभी लोगों से उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उत्पाद, चाहे वे कहीं भी जाएं, उन पर भारत की छाप होगी। हमें उत्पादों का निर्माण इस तरह करना होगा कि वे जिस भी बाजार में जाएं, वहां के नागरिकों का दिल जीत लें। हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि उत्पादों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।’’
वैश्विक बाजारों में भारी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अगर हम गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का निर्माण नहीं करते हैं, तो कोई और हमारी जगह ले लेगा और अवसर हाथ से निकल जाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत में निर्मित उत्पादों की सबसे बड़ी पहचान उनकी गुणवत्ता होनी चाहिए, तभी हम बाजारों पर मजबूत पकड़ बना पाएंगे।’’
भाषा शफीक पारुल
पारुल
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