नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सरकार किसानों को अनुकूलित सलाह उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित टूल ‘भारत-विस्तार’ पेश करेगी, जो एग्रीस्टैक पोर्टल और कृषि पद्धतियों पर आधारित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पैकेज को एकीकृत करेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए आभासी रूप से एकीकृत प्रणाली ‘भारत-विस्तार’ (वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज)’ को पेश किए जाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत-विस्तार पेश करने का प्रस्ताव करती हूं। यह एक बहुभाषी एआई टूल होगा जो एग्रीस्टैक पोर्टल और आईसीएआर के कृषि पद्धतियों पर आधारित पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी और विशिष्ट सलाह के जरिये जोखिम को कम किया जा सकेगा।’’
एग्रीस्टैक पोर्टल किसानों के लिए डिजिटल सेवाओं का एक नेटवर्क हैं जिनमें खेती, बीज, सिंचाई, सब्सिडी और मौसम संबंधी जानकारी जैसी सेवाएं शामिल होती हैं।
बजट प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए क्रॉपलाइफ इंडिया के चेयरमैन अंकुर अग्रवाल ने कहा कि एग्रीस्टैक के डिजिटल किसान रिकॉर्ड को आईसीएआर के मान्य तरीकों के पैकेज के साथ एकीकृत करने से खेत स्तर पर अधिक सटीक, जरूरत-आधारित फैसले लेने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, डिजिटल सलाह तभी नतीजे देती है जब उसे प्रभावी जमीनी विस्तार प्रणालियों का समर्थन मिले जो यह सुनिश्चित करें कि मार्गदर्शन किसानों तक समय पर पहुंचे और स्थानीय परिस्थितियों में सही ढंग से लागू हो।’’
सिंजेंटा इंडिया के कंट्री हेड और प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने भारत-विस्तार के माध्यम से एआई-आधारित कृषि पर जोर देने के लिए केंद्रीय बजट का स्वागत किया।
धानुका एग्रीटेक के चेयरमैन एम के धानुका ने कहा कि स्थानीय भाषाओं में विशिष्ट सलाह देने वाले टूल भारत विस्तार जैसी पहल किसानों को खेत स्तर पर बेहतर और समय पर फैसले लेने के लिए सशक्त बना सकती हैं, जिससे उत्पादकता और कुशल कृषि प्रबंधन में मदद मिलेगी।
इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पी एस गहलोत ने कहा कि इस एआई टूल की स्थापना की घोषणा से उम्मीद है कि यह सभी क्षेत्रों और फसलों में सटीक खेती की तकनीकों को बढ़ावा देगा, जिससे किसानों को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
मैपमाईक्रॉप के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी राजेश शिरोले ने कहा कि केंद्रीय बजट में भारत विस्तार की शुरुआत प्रौद्योगिकी-आधारित खेती की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
बीसीजी की प्रबंध निदेशक और साझेदार अपर्णा बीजापुरकर ने कहा कि भारत विस्तार की शुरुआत और एग्रीस्टैक एवं आईसीएआर पैकेज के साथ इसका एकीकरण भारत के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में एआई के तेज़ी से विस्तार को सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईआईटी रोपड़ में डीन और परियोजना निदेशक (अन्नम.एआई) पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा कि भारत विस्तार की शुरुआत एआई-आधारित, वास्तविक समय में, जलवायु-स्मार्ट सहायता के साथ किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निको रोबोटिक्स के संस्थापक और सीईओ जयसिम्हा राव ने कहा कि यह बजट, इस एआई उपकरण की शुरुआत के साथ, भारतीय कृषि के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल डेटा आधार बनाने की दिशा में एक स्पष्ट कदम उठाता है।
एसएलसीएम लिमिटेड के ग्रुप सीईओ संदीप सभरवाल ने कहा कि भारत विस्तार किसानों को जोखिम कम करने के लिए सटीक सलाह देगा।
स्टार्टअप ‘खेतीबडी’ के संस्थापक विनय नायर ने कहा कि भारत विस्तार की शुरुआत भारत में कृषि क्षेत्र के लिए एक सामान्य डिजिटल ढांचा विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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