मुंबई, एक फरवरी (भाषा) रत्न और आभूषण क्षेत्र ने रविवार को केंद्रीय बजट को सकारात्मक और विकास-केंद्रित बताते हुए इसका स्वागत किया, और कहा कि यह मुख्य बाधाओं को दूर करने के साथ उद्योग को नई गति प्रदान करता है।
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा, ‘‘हम एक सकारात्मक, विकास-केंद्रित बजट के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं जो मुख्य बाधाओं को दूर करता है और भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को नई गति प्रदान करता है। यह नकदी की स्थिति में सुधार करता है, विनिर्माण का समर्थन करता है और मूल्य श्रृंखला में निर्यात को मजबूत करता है।’’
जीजेईपीसी ने केंद्रीय बजट के सीमा शुल्क सुधारों का स्वागत किया।
भंसाली ने कहा, ‘‘विश्वास-आधारित प्रक्रियाएं, डिजिटल मूल्यांकन, और सरलीकृत मंजूरी प्रक्रिया से देरी और लागत में कमी आएगी। हम रियायती शुल्क पर एसईजेड से घरेलू शुल्क क्षेत्र में सीमित बिक्री की भी सराहना करते हैं। यह अमेरिकी शुल्क और वैश्विक मांग की अनिश्चितताओं के बीच कारखानों को निष्क्रिय क्षमता का उपयोग करने, नौकरियों की रक्षा करने और व्यापार को सुदृढ़ करने में सक्षम बनाएगा।’’
उन्होंने कहा कि कूरियर निर्यात पर 10 लाख रुपये की सीमा को हटाना ई-कॉमर्स के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 रत्न और आभूषण उद्योग के प्रति एक स्थिर और संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘सीमा शुल्क या जीएसटी में किसी भी वृद्धि का न होना, निरंतर नीतिगत निश्चितता, मजबूत एमएसएमई एवं क्लस्टर समर्थन, व्यापार करने की आसानी के उपाय और मुकदमेबाजी को कम करने वाले आयकर सुधार मिलकर व्यापार को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।’’
कामा ज्वेलरी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने कहा कि एसईजेड सुधार – मुख्य रूप से एसईजेड इकाइयों को रियायती शुल्क दर पर डीटीए को आपूर्ति करने के लिए एक विशेष एकमुश्त सुविधा की शुरुआत एक स्वागत योग्य कदम है।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
पाण्डेय
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