नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए खेल, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम पहल की घोषणा की. उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले खेल सामान के निर्माण और रिसर्च के लिए एक समर्पित पहल शुरू करने का ऐलान किया.
वित्त मंत्री ने कहा कि खेल उपकरणों के डिजाइन, मटीरियल साइंस, रिसर्च और इनोवेशन पर फोकस किया जाएगा. उनके अनुसार, भारत में किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले खेल सामान का वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को पुनर्जीवित करने के लिए एक योजना लाने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक अपग्रेड कर उनकी लागत प्रतिस्पर्धा और कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके.
खेल क्षेत्र को लेकर सीतारमण ने ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य अगले दस वर्षों में खेल इकोसिस्टम को पूरी तरह बदलना है. उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और करियर के कई अवसर प्रदान करता है. यह मिशन टैलेंट डेवलपमेंट की एकीकृत व्यवस्था, कोच और सपोर्ट स्टाफ की ट्रेनिंग, खेल विज्ञान और तकनीक के उपयोग, प्रतियोगिताओं और लीग्स के आयोजन तथा खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित होगा.
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का प्रस्ताव रखा. इसकी पहली कड़ी ‘नेशनल फाइबर स्कीम’ होगी, जिसका उद्देश्य रेशम, ऊन, जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के साथ-साथ मानव निर्मित और नए औद्योगिक रेशों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है. दूसरी योजना ‘टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम’ के तहत पारंपरिक क्लस्टर्स को मशीनरी, तकनीक अपग्रेड और टेस्टिंग-सर्टिफिकेशन सेंटर के लिए पूंजी सहायता दी जाएगी.
इसके अलावा ‘नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम’ के जरिए बुनकरों और कारीगरों को लक्षित समर्थन दिया जाएगा. ‘समर्थ 2.0’ के तहत टेक्सटाइल स्किलिंग इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने और उद्योग व शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात भी कही गई.
वित्त मंत्री ने टेक्सटाइल क्षेत्र में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे एक ही जगह उत्पादन और वैल्यू एडिशन संभव होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. तकनीकी वस्त्रों पर विशेष फोकस भारत को वैश्विक हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
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