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Sunday, 1 February, 2026
होमदेशअर्थजगतबजट 2026: AI के असर का आकलन करेगा ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ हाई-पावर कमेटी, रोजगार पर रहेगा फोकस

बजट 2026: AI के असर का आकलन करेगा ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ हाई-पावर कमेटी, रोजगार पर रहेगा फोकस

वित्त मंत्री ने बताया कि सेवा क्षेत्र में भारत के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता है और 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रविवार को रोजगार को मजबूत करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों के नौकरियों पर असर का आकलन करने के लिए एक हाई-पावर ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज’ स्टैंडिंग कमेटी बनाने की घोषणा की.

संसद में बजट 2026 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कमेटी खास तौर पर सेवा क्षेत्र पर ध्यान देगी, जिसे आर्थिक विकास का मुख्य इंजन माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह पहल युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक स्पष्ट रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से की जा रही है.

वित्त मंत्री ने बताया कि सेवा क्षेत्र में भारत के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता है और 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. कमेटी विकास, रोजगार सृजन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी.

कमेटी श्रम बाजार पर उभरती तकनीकों के प्रभाव का भी आकलन करेगी. इसमें AI के कारण नौकरियों में होने वाले बदलाव और नई स्किल्स की जरूरत शामिल है. इसके आधार पर यह सुझाव देगी कि कार्यबल को तकनीकी बदलावों के अनुरूप कैसे तैयार किया जाए.

युवाओं के लिए नए और कौशल आधारित करियर अवसर बनाने पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली को बदलते रोजगार अवसरों से जोड़ा जाएगा. इसके तहत एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स से जुड़े मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और निजी व सरकारी क्षेत्र में नए संस्थान खोले जाएंगे.

इन संस्थानों में ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ समेत 10 विषयों को शामिल किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करना है.

सरकार का मानना है कि सेवा क्षेत्र, स्किल डेवलपमेंट और नई तकनीकों पर फोकस से टिकाऊ रोजगार बढ़ेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति और मजबूत होगी.

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