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Sunday, 1 February, 2026
होमदेशअर्थजगतबजट: ओडिशा, केरल, आंध्र और तमिलनाडु में बनेंगे ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’, खनन से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

बजट: ओडिशा, केरल, आंध्र और तमिलनाडु में बनेंगे ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’, खनन से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

रेयर अर्थ क्षमता को और मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने दो स्थानों पर केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के ज़रिये हाई-टेक टूल रूम बनाने का भी प्रस्ताव रखा.

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नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि इन कॉरिडोर के ज़रिये खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट से जुड़ी एक योजना शुरू की गई थी. अब सरकार इन खनिज-समृद्ध राज्यों को सहयोग देकर अलग-अलग रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करेगी. इससे देश में ज़रूरी खनिजों की उपलब्धता बढ़ेगी और भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी.

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ‘सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना’ को मंजूरी दी थी. इस योजना के तहत 7,280 करोड़ रुपये के निवेश से देश में सालाना 6,000 मीट्रिक टन रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में एक अहम खिलाड़ी बनाना है.

रेयर अर्थ क्षमता को और मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने दो स्थानों पर केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के ज़रिये हाई-टेक टूल रूम बनाने का भी प्रस्ताव रखा. ये डिजिटल रूप से सक्षम केंद्र होंगे, जहां उच्च गुणवत्ता वाले पुर्ज़ों की डिज़ाइनिंग, टेस्टिंग और कम लागत पर बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग की जाएगी.

इसके अलावा, निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों को बेहतर बनाने के लिए एक नई योजना लाने की भी घोषणा की गई है, ताकि देश में उच्च मूल्य और आधुनिक तकनीक वाले उपकरणों का घरेलू उत्पादन बढ़ सके.

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव भी रखा. उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 से भारत की क्षमताएं बढ़ी हैं और अब सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू किया जाएगा, जिसके तहत उपकरण और सामग्री का उत्पादन, भारतीय तकनीक का विकास और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.

इससे पहले वित्त मंत्री ने बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था, ताकि भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सके.

वित्त मंत्री ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है. उन्होंने बताया कि सरकार ने असमंजस की जगह ठोस फैसलों और भाषणों की जगह सुधारों को चुना है, और आत्मनिर्भर भारत को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है. उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर सरकार विकास और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखेगी.

निर्मला सीतारमण ने आज संसद में रिकॉर्ड नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश किया.

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