नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) ने शनिवार को कहा कि उसके महासचिव कमलेश मेहता को निलंबित करने का फैसला प्रक्रियात्मक उल्लंघन, संचालन की विफलता और वित्तीय गड़बड़ियों की ‘विस्तृत और रिकॉर्ड आधिरित समीक्षा’ के बाद लिया गया था और इसमें अंदरूनी राजनीति की कोई भूमिका नहीं थी।
टीटीएफआई के उपाध्यक्ष राजू दुग्गल ने कहा कि कार्यकारी समिति ने महासंघ के संविधान के अनुसार एकमत से इस फैसले को मंजूरी दे दी है। दुग्गल अंतरिम कोषाध्यक्ष भी हैं।
टीटीएफआई ने कहा कि मेहता ने 28 जनवरी को तय वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के बावजूद 17 जनवरी को एकतरफा विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलाई और एसजीएम में ‘संवैधानिक रूप से गलत काम करने की इजाजत दी’।
मीडिया में आई कुछ खबरों में यह कहा गया था कि एजीएम इसलिए अवैध थी क्योंकि इसे महासचिव से ‘बिना सलाह-मशविरा किए’ बुलाया गया था लेकिन इस पर स्पष्टता देते हुए टीटीएफआई ने कहा कि उसके संविधान में ऐसी किसी सलाह की जरूरत नहीं है।
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