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Saturday, 31 January, 2026
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दिल्ली पुलिस ने 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त किया, तीन लोग गिरफ्तार

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नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार करके उनके पास से 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम की टैबलेट (गोलियां) जब्त किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आरोपी कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रतिबंधित मादक पदार्थ के अवैध उत्पादन, परिवहन और वितरण में लिप्त एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे।

अधिकारी ने बतायया कि यह अभियान एनसीआर में सक्रिय मादक पदार्थ के तस्करों पर नजर रखने के उद्देश्य से खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया।

विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर टीम ने नंद नगरी बस डिपो के पास दो आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया जब वे उत्तर प्रदेश से संबंधित पंजीकरण संख्या वाली एक कार में यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी शमीम, बुलंदशहर निवासी राजीव शर्मा और मोहित गुप्ता के रूप में हुई है।

अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने 31 किलोग्राम अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद की, अनुमान है कि गोलियों की संख्या करीब तीन लाख है जो स्वापक ओषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम में परिभाषित वाणिज्यिक मात्रा के अंतर्गत आती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अल्प्राज़ोलम की व्यावसायिक मात्रा की सीमा 100 ग्राम है।

पुलिस ने बताया कि गोलियों के अलावा, टीम ने ‘अल्प्राज़ोलम’ छपा हुआ 11 किलोग्राम एल्युमीनियम फ़ॉइल, गोलियों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली 25 किलोग्राम पीवीसी शीट रोल, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित 20 मुहर और परिवहन में इस्तेमाल की गई कार जब्त की। उसने बताया कि पैकेजिंग सामग्री और प्रिंटिंग उपकरणों की बरामदगी से बड़े पैमाने पर अवैध दवा निर्माण प्रतिष्ठान का संकेत मिलता है। पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 29 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान, वाहन मोहित गुप्ता के नाम पर पंजीकृत पाया गया, जिसे बाद में अन्य आरोपियों की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान शर्मा ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह गुप्ता के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश में शमीम और उसके सहयोगी रणदीप से अल्प्राज़ोलम की गोलियां एकत्र करता था और उन्हें बुलंदशहर की स्थानीय फार्मेसियों को आपूर्ति करता था।

पुलिस के मुताबिक शमीम ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह और उसका साथी हिमाचल प्रदेश के परवानू में एक अवैध विनिर्माण इकाई चला रहे थे, जहां गोलियों का उत्पादन किया जाता था और हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में वितरकों को आपूर्ति की जाती थी।

भाषा धीरज संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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