बैंकॉक, 30 जनवरी (भाषा) भारत की देविका सिहाग ने थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में घरेलू प्रबल दावेदार और शीर्ष वरीय सुपानिडा काटेथोंग को सीधे गेम में हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए महिला एकल सेमीफाइनल में जगह बना ली।
भारत की 20 वर्षीय गैर वरीय खिलाड़ी ने संयम से खेलते हुए 40 मिनट तक चले क्वार्टरफाइनल में सुपानिडा पर 21-19, 21-18 की जीत हासिल की। देविका ने पिछले साल मलेशिया इंटरनेशनल में पहला बीडब्ल्यूएफ अंतरराष्ट्रीय चैलेंज खिताब जीता था।
विश्व रैंकिंग में 63वें नंबर की खिलाड़ी देविका अब अगले दौर में चीनी ताइपे की पांचवीं वरीयता प्राप्त ह्वांग यू-सुन से भिड़ेंगी।
देविका ने अगस्त 2025 में मलेशिया इंटरनेशनल के फाइनल में हमवतन इशारानी बरुआ को हराया था। वह उस भारतीय मिश्रित टीम का भी हिस्सा थीं जिसने 2025 विश्व विश्वविद्यालय खेलों में कांस्य पदक जीता था।
पिछले सत्र में देविका इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 100 की उप विजेता रहीं और 2024 में चार फाइनल में पहुंचीं। इसके अलावा वह एस्तोनियन इंटरनेशनल और डच इंटरनेशनल में दूसरे स्थान पर रहीं।
महिला एकल के एक और क्वार्टरफाइनल में इशारानी को मलेशिया की वोंग लिंग चिंग के खिलाफ चुनौती पेश करने के बावजूद 18-21, 21-16, 21-13 से हार का सामना करना पड़ा।
पुरुष एकल में भारतीय चुनौती क्वार्टरफाइनल में ही समाप्त हो गई जिसमें जब तरुण मनेपल्ली चीन के झू शुआन चेन से 11-21, 17-21 से हार गए।
देविका शुरुआत में 0-5 से पीछे थीं। लेकिन धीरे धीरे संयम से खेलते हुए वापसी की और सुपानिडा की गलतियों का फायदा उठाते हुए लंबी रैलियां खेलकर 9-9 से बराबरी हासिल की। फिर दोनों 15-15 से बराबरी पर थीं।
देविका ने दो सटीक नेट शॉट्स से 19-17 की बढ़त बनाई और 19-19 से बराबरी के बाद गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी 3-5 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए देविका ने 10-6 की बढ़त बनाई। पर फिर दोनों 14-14 के बाद 17-17 की बराबरी तक रहीं।
लेकिन फिर भारतीय खिलाड़ी ने तीन मैच प्वाइंट बनाए। सुपानिडा के लाइन से बाहर शॉट से देविका ने यादगार जीत दर्ज की।
भाषा नमिता मोना
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