बीजापुर, 29 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए जिन पर कुल सात लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘डबल-इंजन सरकार’ (केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार) के सुशासन से बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत काऊरगट्टा-गुंडराजगुडे़म गांव के जंगल में पामेड़ एरिया कमेटी के सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बुधवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दल को अभियान पर रवाना किया गया था।
यादव ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह लगभग सात बजे से डीआरजी के जवानों और माओवादियों के बीच लगातार मुठभेड़ होती रही। उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद जब सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां से दो माओवादियों के शव, एक एके-47 राइफल, नौ एमएम की एक पिस्टल तथा अन्य नक्सल सामान बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की पहचान एरिया कमेटी सदस्य प्रदीप उर्फ जोगा और नक्सली भीमा वेको के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदीप पर पांच लाख रुपये और भीमा पर दो लाख रुपये का इनाम था।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी पामेड़ एरिया कमेटी के अंतर्गत विभिन्न हिंसक घटनाओं और नागरिकों की हत्याओं में शामिल थे। उन्होंने बताया कि इनमें हाल ही में कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या की घटना भी शामिल है।
सुरक्षाबलों की सफलता को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ”बीजापुर के कावरगट्टा क्षेत्र में हमारी बहादुर डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की संयुक्त टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दो कुख्यात माओवादियों प्रदीप और पीएम भीमा को मार गिराया है। सुरक्षा बलों का यह पराक्रम बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के अटल मार्गदर्शन तथा ‘डबल इंजन सरकार’ के सुशासन से बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।”
इस कार्रवाई के साथ, इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 22 माओवादी मारे गए हैं।
इससे पहले तीन जनवरी को बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 माओवादियों को मार गिराया गया था, जिसमें बीजापुर सहित सात जिले शामिल हैं।
पिछले साल, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे।
केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए इस साल 31 मार्च की समय सीमा तय की है।
भाषा संजीव अमित
अमित
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
