नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) लोकसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा में भारत के लिए एक ‘एआई आर्थिक परिषद’ बनाने का सुझाव दिया गया है।
यह परिषद देश में कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाने की रफ्तार को नियंत्रित और संतुलित करेगी। समीक्षा में यह सवाल भी उठाया गया कि इस परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी का नौकरियों और मनुष्य की मौलिक सोच पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
समीक्षा के अनुसार, एआई नीति में श्रम वास्तविकताओं और सामाजिक स्थिरता को प्राथमिकता देकर यह परिषद यह सुनिश्चित कर सकती है कि एआई से उत्पादकता तो बढ़े, लेकिन रोजगार और काम के सम्मान को नुकसान न पहुंचे।
इस संस्थान को निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर अगले दशक के लिए एआई मसौदा तैयार करना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि किन नौकरियों पर असर पड़ेगा, किन क्षेत्रों में विस्थापन अधिक होगा और कितनी नौकरियों का स्वचालन होगा।
भाषा अजय पाण्डेय
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