नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को पार्टी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ इकाइयों के प्रमुख नेताओं के साथ बैठकें कीं तथा उन्हें मिलकर काम करने एवं जनता के मुद्दे उठाते हुए भाजपा सरकारों को घेरने का निर्देश दिया।
खरगे के आवास ‘10 राजाजी मार्ग’ पर हुई बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी महासचिव जितेंद्र सिंह और सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और विधायक दल के नेता टीकाराम जूली शामिल हुए।
बैठक के बाद डोटासरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बैठक में संगठन, एसआईआर को लेकर चर्चा हुई। हमने मनरेगा योजना की बहाली को लेकर हुए आंदोलन के बारे में भी शीर्ष नेतृत्व को जानकारी दी। एसआईआर प्रक्रिया के आखिरी चरणों में भाजपा ने जो धांधली की, उस बारे में भी चर्चा हुई है कि कैसे हमने भाजपा के प्रयास को रोका।’’
उन्होंने बताया कि आगामी पंचायत, नगर निकाय के चुनावों पर भी बातचीत हुई है।
डोटासरा ने कहा, ‘‘ आलाकमान ने संगठन और विधानसभा में पार्टी के कामकाज को लेकर संतोष व्यक्त किया और कहा कि सब मिलकर चलें तथा लोगों के साथ सरकार द्वारा किये जाने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते रहें।’’
उनका कहना था, ‘‘हम पंचायत चुनाव के बाद राज्य में दौरा करेंगे, नए लोगों को जोड़ेंगे और संगठन को मजबूती देते हुए विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर सरकार बनाएंगे।’’
कांग्रेस नेतृत्व के साथ छत्तीसगढ़ के नेताओं की बैठक में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक दल के नेता चरणदास महंत और कुछ अन्य नेता शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ कांग्रेस नेतृत्व की बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी पायलट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दिशानिर्देश दिया है।’’
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल है। प्रदेश में खनन को पिछले दरवाजे से मंजूरी दी जा रही है, जिससे आदिवासी भाई-बहन परेशान हैं, ऐसे में हम उनके साथ खड़े हैं।’’
उनका कहना था, ‘‘भाजपा सरकार ने मनरेगा को ख़त्म कर नया कानून बनाया है। इसने पंचायतों, गरीबों, मजदूरों का अधिकार छीन लिया है। हम लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे और इन्हें यह नया कानून वापस लेना पड़ेगा।’’
पायलट ने कहा, ‘‘हमने छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर नेतृत्व के साथ चर्चा की है और आने वाले समय में संगठन को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे, उन पर बातचीत हुई है।’’
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