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सिंगूर, 28 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के खिलाफ जारी अपनी लड़ाई को जल्द ही दिल्ली ले जाएंगी।
बनर्जी ने राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के कार्यक्रम में बुधवार को अंतिम क्षणों में बदलाव करने के बाद यह बात कही।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सूत्रों का दावा है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से दो फरवरी को मुलाकात के लिए समय मिल गया है। मुख्यमंत्री एसआईआर के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को दिल्ली के निर्वाचन सदन ले जा सकती हैं।
टीएमसी प्रमुख ने इससे पहले अपने करीबी लोगों को संसद में विपक्षी नेताओं से मिलने की अपनी मंशा से अवगत कराया था।
बनर्जी ने सिंगूर में एक जनसभा के दौरान कहा, ‘‘मुझे इस बैठक के बाद दिल्ली जाना था। लेकिन कुछ दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के कारण मुझे अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी।’’
कोलकाता के पूर्वी बाहरी इलाके आनंदपुर में गोदाम में लगी विनाशकारी आग के संदर्भ में उन्होंने यह बात कही। इस घटना में कम से कम आठ लोगों की जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन, आज नहीं तो, मैं कल या परसों जरूर दिल्ली जाऊंगी। क्योंकि आप लोग मुझसे चुपचाप बैठे रहने की उम्मीद नहीं कर सकते। जरूरत पड़ने पर मैं अदालत में खड़ी होऊंगी। यदि अनुमति मिली, तो मैं भी जनता की ओर से पैरवी करूंगी, वकील के रूप में नहीं बल्कि एक नागरिक के रूप में। मैंने इस मामले के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज और सबूत सुरक्षित रख लिए हैं।’’
बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों पर एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कवायद चुपके से एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) लागू करने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम उन्हें किसी को भी निरूद्ध शिविरों में भेजने नहीं देंगे, हम यहां एनआरसी लागू नहीं होने देंगे। मैं उनके घमंड को चकनाचूर कर दूंगी, मुझ पर भरोसा रखें।’’
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