चूड़ाचांदपुर, 28 जनवरी (भाषा) मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले में बुधवार को हजारों छात्रों ने राज्य में जनप्रिय सरकार के गठन के प्रयासों के विरोध में जुलूस निकाला और कुकी-जो समुदाय के लिए ‘राजनीतिक समाधान’ पर जोर दिया।
चूड़ाचांदपुर के छात्रों का यह जुलूस जिला मुख्यालय के लामका पब्लिक ग्राउंड से शुरू हुआ और तुइबोंग में समाप्त हुआ। करीब दो किलोमीटर तक निकाले गए जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘जनप्रिय सरकार नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी ‘समाधान नहीं तो चैन नहीं’ लिखे हुए पोस्टर भी लिए हुए थे।
छात्र नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपा।
ज्ञापन में मणिपुर में जनप्रिय सरकार के गठन से पहले एक राजनीतिक समाधान की मांग की गई है।
मणिपुर में मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के लोगों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं जबकि हजारों लोग बेघर हुए हैं।
पिछले साल मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था।
राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है लेकिन फिलहाल उसे निलंबित कर दिया गया।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि ‘‘प्रशासन के चरमराने के साथ व्यापक विस्थापन हुआ है’’ और हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं तथा अपने घरों में लौटने में असमर्थ हैं।
भाषा यासिर पवनेश
पवनेश
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