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Wednesday, 28 January, 2026
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झारखंड उच्च न्यायालय ने महापौर पद के लिए आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

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रांची, 27 जनवरी (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने महापौर के पदों के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिससे राज्य में इन चुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया।

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए पाया कि इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है।

याचिकाकर्ता ने धनबाद और गिरिडीह में महापौर के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि सरकार ने दो शहरी स्थानीय निकायों में पदों पर नियुक्ति के लिए एक त्रुटिपूर्ण आरक्षण नीति बनाई है।

उन्होंने दलील दी कि महापौर पद के लिए आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है, जो कि बहुत पुरानी जनगणना है।

भाषा

शुभम सुभाष

सुभाष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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