नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय संघ के नेताओं एंतोनियो कोस्टा और उर्सुला फ़ॉन डेर लायन के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की हिमालयी पाक विरासत को दर्शाने वाले विशेष रूप से तैयार किए गए व्यंजन परोसे गए।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन फोर डेर लायन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
इस ‘मेन्यू’ (व्यंजन सूची) में हिमालयी क्षेत्र की क्षेत्रीय सामग्रियों और खाना पकाने की पारंपरिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया था और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर से प्रेरणा लेते हुए, उन्हें समकालीन फाइन-डाइनिंग प्रारूप में प्रस्तुत किया गया।
भोजन की शुरुआत ‘जखिया आलू’ और हरे टमाटर की चटनी तथा ‘झंगोरा की खीर’ से हुई, जिसे ‘मेह लूण’ और व्हाइट चॉकलेट के साथ परोसा गया। इसके बाद सूप परोसा गया, जिसमें ‘सुंदरकला थिचोनी’ शामिल थी। यह उत्तराखंड की कुट्टू नूडल से बनी एक डिश है, जिस पर तिब्बती खान-पान का प्रभाव दिखाई देता है।
साथ में ‘भांग मठरी’ के साथ याक चीज़ कस्टर्ड, सरसों की परत में पकाए गए बिच्छू बूटी के पत्ते और लौकी और गाजर ‘कढ़ी’ भी परोसी गई।
मुख्य व्यंजन में खसखस, भुने हुए टमाटर की चटनी और हिमाचली स्वर्णू चावल के साथ ‘गुच्छी’ और सोलन मशरूम शामिल थे। साथ ही राई के पत्ते, कश्मीरी अखरोट, भुने हुए टमाटर और अखुनी से बनी तीन प्रकार की चटनी भी परोसी गई थीं। व्यंजन सूची के अनुसार, मिठाइयों में हिमालयी रागी और कश्मीरी सेब का केक (तिमरू और सी-बकथॉर्न क्रीम के साथ), खजूर और कच्चे कोको के साथ कॉफी कस्टर्ड, और हिमालयी शहद में सजी पर्सिमन शामिल थीं।
इन व्यंजनों को शेफ प्रतीक साधु और कमलेश नेगी के सहयोग से तैयार किया गया था, जो भारत की समृद्ध पाक विरासत को बढ़ावा देने पर राष्ट्रपति भवन के जोर को दर्शाता है।
भाषा
नोमान दिलीप
दिलीप
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