नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) सत्तारूढ़ राजग के दो महत्वपूर्ण घटक दलों-जद-यू और तेदेपा ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हुए इसे एक ‘‘रणनीतिक सफलता’’ बताया, जो भारतीय उद्यमों के लिए वैश्विक बाजारों में तेजी से आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसे सबसे बड़ा समझौता बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने एक अस्थिर विश्व व्यवस्था के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यापार और रक्षा का लाभ उठाने हेतु एक बड़े एजेंडे का अनावरण किया।
राज्यसभा सदस्य और जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के सफलतापूर्वक होने पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई।’’
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के महासचिव और आंध्र प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री लोकेश नारा ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर एक नए अध्याय की शुरुआत है और भारत के वैश्विक व्यापार के इतिहास में एक बड़ी छलांग है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक रणनीतिक सफलता है जो भारतीय उद्यमों के लिए वैश्विक बाजारों में तेजी से आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।’’
लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश के कई क्षेत्रों जैसे समुद्री भोजन और कृषि उत्पादों को यूरोपीय संघ के बाजारों तक तरजीही पहुंच से तुरंत लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि एफटीए से 75 अरब अमेरिकी डॉलर की निर्यात क्षमता खुलती है, साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), महिलाओं, कारीगरों, युवाओं और पेशेवरों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
लोकेश ने कहा, ‘‘भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में घोषित इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन को मेरी हार्दिक बधाई और आभार।’’
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यूरोपीय संघ के नेताओं उर्सुला फॉन डेर लायन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की शिखर वार्ता की मेजबानी किए जाने के बाद, भारत और यूरोपीय संघ ने दो अन्य महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए, एक सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर और दूसरा यूरोप में भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही पर।
राजग की एक अन्य घटक शिवसेना के नेता श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह ‘‘ऐतिहासिक समझौता’’ भारतीय उद्योगों के लिए व्यापक अवसर खोलेगा, निर्यात को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजित करेगा तथा भारत के वैश्विक आर्थिक नेतृत्व को और मजबूत करेगा।
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नेत्रपाल माधव
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