(फाइल तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए व्यापार समझौते को भारत की वैश्विक व्यापार गतिविधियों में एक ‘रणनीतिक सफलता’ बताते हुए कहा कि यह समझौता संबंधित क्षेत्रों की सुरक्षा करता है और भारतीय निर्यात के 99 प्रतिशत हिस्से को अभूतपूर्व पहुंच दिलाकर समृद्धि के नए दौर की शुरुआत करता है।
गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए संदेशों में कहा कि यह समझौता एक ‘निर्णायक क्षण’ है, जो पारस्परिक लाभ वाले समझौतों के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए भारत के मिशन को मजबूत करता है, और विश्वसनीय, पारस्परिक रूप से लाभकारी और संतुलित साझेदारी सुनिश्चित करता है।
शाह ने कहा, “भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी कूटनीतिक दृष्टि को वैश्विक मंच पर दर्शाता है। यह समझौता पारस्परिक लाभ वाले समझौतों के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को बल देता है और एक विश्वसनीय, पारस्परिक रूप से लाभकारी और संतुलित साझेदारी सुनिश्चित करता है।”
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए और भारत की जनता को बधाई देते हुए शाह ने कहा, ”इंडिया फर्स्ट’ संबंधी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उक्ति से प्रेरित, भारत-ईयू व्यापार समझौता संबंधित क्षेत्रों की सुरक्षा करते हुए भारतीय निर्यात के 99 प्रतिशत हिस्से के लिए अभूतपूर्व पहुंच प्राप्त कर समृद्धि के एक नए युग का सूत्रपात करता है।”
गृह मंत्री ने कहा कि इससे वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न, आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान, मेडिकल उपकरण, प्लास्टिक और रबड़ तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए अवसर खुलेंगे।
शाह ने यह भी कहा कि यह समझौता जनहितैषी व्यापार समझौतों के लिए एक नया मानदंड स्थापित करता है, साथ ही कृषि निर्यात के लिए तरजीही बाजार पहुंच सुनिश्चित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने एक पोस्ट में कहा, ‘भारत-ईयू व्यापार समझौते के माध्यम से, मोदी जी ने विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों को खोलकर, नए रोजगार सृजित करके, नवाचार को बढ़ावा देकर और युवाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर, हमारे युवाओं की वैश्विक आकांक्षाओं को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।’
गृह मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप यह समझौता यूरोप भर में भारत की प्रतिभा को सशक्त बनाता है, जिससे 17 उपक्षेत्रों में फैले स्वतंत्र पेशेवरों को यूरोपीय संघ के उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करने में निश्चितता मिलती है, ज्ञान-आधारित व्यापार के रास्ते बनते हैं, और भारत में प्रशिक्षित आयुष चिकित्सकों को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलता है।
भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए जिसे ‘अब तक का सबसे बड़ा समझौता’ बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने व्यापार एवं रक्षा क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने और नियम-आधारित विश्व व्यवस्था की दिशा में काम करने के लिए एक व्यापक एजेंडा पेश किया।
भाषा नोमान अविनाश
अविनाश
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