नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को मंगलवार को मतदाता सूची पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त तीन आईएएस अधिकारियों के तबादलों को रद्द करने का निर्देश दिया और कहा कि ये तबादले आयोग की सहमति के बिना किए गए थे।
आयोग ने बुधवार दोपहर तक तीनों तबादलों को रद्द करने के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी तलब की है।
आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लिखे एक कड़े पत्र में कहा कि उसने पांच संभागीय आयुक्तों के साथ-साथ ‘मतदाता सूची पर्यवेक्षकों’ की नियुक्ति की थी।
आयोग ने रेखांकित किया, “ये अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर हैं।”
आयोग ने कहा कि यह जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आईएएस अधिकारी अश्विनी कुमार यादव (उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के मतदाता सूची पर्यवेक्षक), रणधीर कुमार (उत्तर 24 परगना और कोलकाता उत्तर) और स्मिता पांडे (पश्चिम बर्धमान, पूर्वी बर्धमान और बीरभूम) के विभागीय तबादलों का आदेश दिया है। आयोग के मुताबिक, “हालांकि, इन अधिकारियों के तबादले आयोग की पूर्व सहमति के बिना किए गए हैं, जो निर्देशों का उल्लंघन है। उपरोक्त के मद्देनजर, यह निर्देश जाता है कि तबादलों के आदेश तत्काल रद्द किए जाएं।”
आयोग ने कहा, “इसके अलावा, आपसे (बंगाल सरकार से) अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे आदेश जारी करने से पहले आयोग की पूर्व सहमति प्राप्त करें।” आयोग ने बुधवार अपाह्न तीन बजे तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
भाषा जितेंद्र माधव
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