scorecardresearch
Tuesday, 27 January, 2026
होमदेशएआईएसए की झारखंड इकाई ने यूजीसी समता विनियमन का समर्थन किया

एआईएसए की झारखंड इकाई ने यूजीसी समता विनियमन का समर्थन किया

Text Size:

रांची, 27 जनवरी (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की झारखंड इकाई ने देश में सामान्य वर्ग के छात्रों के बीच व्याप्त असंतोष के बीच मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का समर्थन किया।

वाम समर्थित आइसा ने समानता संरक्षण के दायरे में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शामिल किए जाने का स्वागत किया।

आइसा के प्रदेश सचिव त्रिलोकीनाथ ने यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘नए नियमों का उद्देश्य धर्म, नस्ल, लिंग, जन्म स्थान, जाति और दिव्यांगता के आधार पर सभी प्रकार के भेदभाव को खत्म करना और उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता व समावेश सुनिश्चित करना है।’

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आंकड़े बताते हैं कि 2019 से 2024 के बीच विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो संस्थागत और सरकारी मिलीभगत से बने जातिवादी ढांचे का परिणाम है।

त्रिलोकीनाथ ने कहा, ‘समान अवसर केंद्रों के दायरे का विस्तार करने, समता समिति, 24 घंटे की हेल्पलाइन और समता समूह स्थापित करने जैसे उपाय स्वागत योग्य और सकारात्मक कदम हैं।’

यूजीसी द्वारा 13 जनवरी को अधिसूचित नए नियमों ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु विनियम, 2026’ ने सामान्य वर्ग के छात्रों के बीच व्यापक रोष पैदा कर दिया है, जिनका तर्क है कि यह ढांचा उनके खिलाफ भेदभाव का कारण बन सकता है।

भाषा नोमान अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments