गुवाहाटी, 27 जनवरी (भाषा) काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य (केएनपीटीआर) में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे किए गए सर्वेक्षण के दौरान सात प्रजातियों से संबंधित मीठे पानी के कछुओं की संख्या 945 दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी।
अभयारण्य के अधिकारियों द्वारा भारतीय कछुआ संरक्षण कार्यक्रम (आईटीसीपी) के सहयोग से 14 से 18 जनवरी तक जलीय सरीसृपों का पांचवां वार्षिक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें विशेष रूप से मीठे पानी के कछुओं और इस क्षेत्र में अन्य कछुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
ब्रह्मपुत्र नदी इस क्षेत्र की सबसे समृद्ध जैव विविधताओं में से एक है और इसे विश्व स्तर पर मीठे पानी की जैव विविधता के स्थान और कछुआ प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
काजीरंगा के भूभाग में ही मीठे पानी के कछुओं और अन्य कछुओं की 17 प्रजातियां पाई जाती हैं, जबकि भारत में इनकी 32 प्रजातियां दर्ज हैं।
अधिकारी ने बताया कि त्वरित नौका सर्वेक्षण में केएनपीटीआर से होकर बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी के 174 किलोमीटर के हिस्से को शामिल किया गया और सात प्रजातियों से संबंधित मीठे पानी के कुल 945, कठोर खोल वाले 876 और नरम खोल वाले कछुओं की संख्या 69 दर्ज की गई।
उन्होंने रेखांकित किया कि केएनपीटीआर अधिकारियों के नेतृत्व में आईटीसीपी से तकनीकी जानकारी और सहायता के साथ किए जा रहे निरंतर प्रयासों से नदी की पारिस्थितिकी की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि संरक्षण कार्य नदी के बदलते परिदृश्य के अनुरूप बने रहें।
भाषा
नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
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