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Tuesday, 27 January, 2026
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भारत, रूस 100 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं : राजदूत

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(विनय शुक्ला)

मॉस्को, 26 जनवरी (भाषा) मॉस्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने सोमवार को यहां कहा कि भारत और रूस 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहे हैं और व्यापार के दायरे को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

राजदूत कुमार ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, “पिछला वर्ष विशेष रूप से सक्रिय रहा। राष्ट्रपति (व्लादिमीर) पुतिन की यात्रा अत्यंत सफल रही। 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करना पूरी तरह से संभव है।”

उन्होंने कहा, “नए उत्पादों की पहचान सहित कई कदम उठाए जा रहे हैं, और एक मुक्त व्यापार समझौता इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि उर्वरक, कृषि और अभियांत्रिकी में नए अवसरों के साथ व्यापार में वृद्धि हुई है।

खबरों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में, रूसी कच्चे तेल के बड़े पैमाने पर आयात के कारण भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार लगभग 68.7 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

राजदूत ने कहा, “अधिकतर व्यापार पहले से ही राष्ट्रीय मुद्राओं में किया जा रहा है और जैसे-जैसे हम व्यापार और आर्थिक संबंधों को और गहरा करेंगे, यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।”

इससे पहले, 77वें गणतंत्र दिवस पर दूतावास परिसर में बड़ी संख्या में एकत्रित भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, राजदूत कुमार ने नयी दिल्ली और मॉस्को के बीच द्विपक्षीय संबंधों के “सक्रिय और परिणामोन्मुखी” चरण पर जोर दिया।

पिछले महीने पुतिन की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्वास जताया था कि भारत और रूस के बीच 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को 2030 से पहले ही हासिल कर लिया जाएगा।

वहीं, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंका ने सोमवार को भारत के साथ अपने देश के दीर्घकालिक संबंधों पर गर्व व्यक्त करते हुए भारतीय सभ्यता की बुद्धिमत्ता पर आधारित भारतीय लोकतंत्र के लचीलेपन की प्रशंसा की।

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिए गए अपने बधाई संदेशों में लुकाशेंका ने इस बात पर जोर दिया कि यह दिन “भारतीय सभ्यता के सदियों पुराने ज्ञान को दर्शाता है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की ठोस नींव के रूप में कार्य करता है”।

उन्होंने कहा, “बेलारूस को भारत के साथ अपने दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंधों पर गर्व है। मुझे भरोसा है कि विश्वास और पारस्परिक सहयोग पर आधारित हमारा सहयोग लगातार विकसित हो रहा है और नए व्यावहारिक महत्व प्राप्त कर रहा है।”

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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