चेन्नई, 26 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि ने सोमवार को लोगों से ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ का संकल्प लेने और 2047 तक आत्मनिर्भर विकसित भारत बनाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गहरी कृतज्ञता की भावना जगाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए त्याग किया और कष्ट सहे।
रवि ने अपने संदेश में कहा, ‘‘हम संविधान सभा के सदस्यों को भी अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने हमें गणतंत्र के मामलों का मार्गदर्शन और संचालन करने तथा भारत की जनता की सेवा करने के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली और लचीला संविधान दिया।’’
देश के सशक्त लोकतंत्र पर गर्व करने के पर्याप्त कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र ‘‘हमारी जीवंत विरासत’’ है, जो ‘‘हमारे डीएनए में रचा-बसा है और हजारों वर्षों से हमारे लोगों के दैनिक जीवन में परिलक्षित होता रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि प्रसिद्ध उत्तरमेरूर शिलालेख भारत की प्राचीन और परिष्कृत सहभागी स्वशासन परंपराओं की गौरवशाली गवाही देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु अनेक केंद्रीय परियोजनाओं का प्रमुख लाभार्थी रहा है, जिनमें वर्तमान रेल बजट के तहत 6,626 करोड़ रुपये का आवंटन, 80 से अधिक स्टेशनों का आधुनिकीकरण और वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी भाषाएं और संस्कृति लोगों को जोड़ती हैं, समझ और सद्भाव को बढ़ावा देती हैं और हमारी सभ्यता की कालातीत एकता का उत्सव मनाने वाले स्थायी बंधन रचती हैं।’’
रवि ने अनुरोध किया, ‘‘हमारे राज्य के पास सर्वोत्तम मानव संसाधन है। मैं हमारे युवाओं, महिलाओं, किसानों, मछुआरों, बुनकरों, कारीगरों और सभी वर्गों से ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह करता हूं। आइए, अपनी उद्यमशीलता को उजागर करें और 2047 तक आत्मनिर्भर व विकसित भारत बनाएं।’’
भाषा गोला मनीषा
मनीषा
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